राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूसील प्रबंधन के द्वारा कॉलोनी के सुरक्षा को चाक चौबंद करने के लिए 2 करोड़ की लागत से चार दिवारी का निर्माण कार्य कराया गया था इसकी देखरेख संपदा विभाग के सिविल के अधिकारी दिलीप कुमार मंडल के जिम्मेवारी में निर्माण कार्य हुआ है।
लेकिन चार दिवारी के निर्माण के साथ ही साथ शिव मंदिर के बगल में छठ घाट के सामने बनी हुई चार दिवारी बरसात के दिनों में टूट गई इस चार दिवारी के टूटने पर संपदा विभाग के कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
दैनिक भास्कर के द्वारा गुणवत्ता को लेकर प्रमुखता से समाचार को प्रकाशित की गई थी लेकिन इस मामले पर यूसिल प्रबंधन ने कोई संज्ञान नहीं लिया जिसका परिणाम यह हुआ कि यह चार दीवारी टूट गई अब इस टूटी हुई जगह से लगातार जानवर का आना-जाना एवं कॉलोनी में चोरी की घटना काफी बढ़ोतरी हो चुकी है और बाहरी लोगों के द्वारा यहां आकर लगातार शराब का सेवन और नशा का सेवन किया जाता है मारपीट के घटना भी घटते रहती है कॉलोनी की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे।
कॉलोनी वासियों का कहना है की चारदीवारी के निर्माण के समय ही घटिया सीमेंट घटिया सामग्री का उपयोग किया गया एवं नीव भी काफी कमजोर बनाई गई थी जिसका परिणाम से चारदीवारी टूट गई।
यूसील संपदा विभाग के सिविल के अधिकारी दिलीप कुमार मंडल 20 साल से एक ही पद पर टिके हुए हैं उनके कार्यकाल में कई भ्रष्टाचार के आरोप इन पर लगाते हुए आए हैं चार दिवारी के निर्माण के समय से ही इन पर आरोप लगाते आए हैं यूसिल प्रबंधन के द्वारा इन्हें वेतन के रूप में लाखों रुपया भुगतान किया जाता हे देख भाल करने के लिए।
यूसील प्रबंधन के द्वारा संपदा विभाग के कई अधिकारियों का तबादला किया गया है लेकिन 20 साल से टिके हुए दिलीप कुमार मंडल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है जिसे भी संयुक्त यूनियन के नेताओं में काफी नाराजगी है।
यूसील कर्मियों ने चार दिवारी के निर्माण की मांग की है साथ ही साथ भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी दिलीप कुमार मंडल पर कार्रवाई की मांग किया हे।

