Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नारे से गूंजयमान हुआ भागवत कथा स्थल
    Breaking News खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड धर्म सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नारे से गूंजयमान हुआ भागवत कथा स्थल

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarJanuary 23, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नारे से गूंजयमान हुआ भागवत कथा स्थल

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    भागवत कथा के चौथे दिन श्री कृष्ण जन्म का हुआ प्रस्तुति पोटका प्रखंड अंतर्गत श्रीमद् भागवतकथा समिति हल्दीपोखर के  उड़िसा रोड़ पर आयोजित सप्तम दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिन कथावाचक पंडित उमाशंकर शुक्ला जी ने व्यास पीठ से वामन भगवान की कथा, नरसिंह भगवान की कथा, भगवान राम का जन्म कथा, बलराम एवं भगवान श्री कृष्ण के जन्म कथा पर भक्त मंडली से रूबरू हुए।

    कृष्ण जन्म कथा सुनाते हुए कथावाचक पंडित जी ने बताएं कि मथुरा के राजा कंस ने अपनी बहन देवकी को रथ में बिठाया रथ चलने लगा तभी आकाशवाणी हुई कि देवकी का आठवां पुत्र कंस को मारेगा। कंस ने देवकी को मारने के लिए तलवार उठाई लेकिन वासुदेव ने उसे समझाया कि वह देवकी को नहीं मारेगा बल्कि उसके पुत्र को मारेगा। कंस ने वासुदेव और देवकी को कारागार में डाल दिया और उसके 6 पुत्रों को मार दिया जब देवकी सातवीं बार गर्भवती हुई तो भगवान विष्णु ने देवकी के गर्भ में प्रवेश किया और सातवें पुत्र के रूप में बलराम का जन्म लिया। आठवीं बार देवकी गर्भवती हुई तो भगवान कृष्ण ने जन्म लिया। वासुदेव ने कृष्ण को गोकुल के नन्द और यशोदा के पास पहुंचा दिया और उनकी पुत्री को देवकी के पास छोड़ दिया। कंस ने उस पुत्री को मारने की कोशिश की लेकिन वह आकाश में उड़ गई और कंस को चेतावनी दी की कृष्ण जीवित है और वह उसे मारेगा। भगवान कृष्ण के जन्म के साथ पूरा माहौल भक्ति में हो गया।

    भगवान श्री कृष्ण का जन्म समाज को सत्य की स्थापना, प्रेम और आनंद का प्रसार ,सामाजिक न्याय ,निष्काम कर्म एवं कुरीतियों के विरोध का संदेश देता है।

    वामन भगवान की कथा अहंकार और अत्यधिक लालच को त्याग करना सिखाती है। महाराज ने नरसिंह भगवान की कथा में धर्म पर धर्म की विजय, ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास, बुराई का अंत और संतुलन का संदेश दी।

    हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नारे से गूंजयमान हुआ भागवत कथा स्थल
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleपोटका में सरस्वती पूजा की धूम, विधायक संजीव सरदार ने दर्जनभर पंडालों का किया उद्घाटन
    Next Article कालिकापुर में नेताजी की जयंती मनाया गया

    Related Posts

    निजी विद्यालयों की मनमानी पर लगाम की मांग, पुस्तक परिवर्तन और शुल्क वृद्धि पर राज्य स्तरीय नीति बनाने की उठी आवाज

    June 13, 2026

    श्री राजस्थान शिवमंदिर जुगसलाई के शताब्दी वर्ष पर धार्मिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 21 जून को

    June 13, 2026

    बाघराय मार्डी का आंदोलन लाया रंग, UCIL स्कूलों में अब गरीब बच्चों को भी मिलेगा दाखिला

    June 13, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    निजी विद्यालयों की मनमानी पर लगाम की मांग, पुस्तक परिवर्तन और शुल्क वृद्धि पर राज्य स्तरीय नीति बनाने की उठी आवाज

    श्री राजस्थान शिवमंदिर जुगसलाई के शताब्दी वर्ष पर धार्मिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 21 जून को

    बाघराय मार्डी का आंदोलन लाया रंग, UCIL स्कूलों में अब गरीब बच्चों को भी मिलेगा दाखिला

    दिवाकर सिंह ने कांड्रा आरपीएफ प्रभारी के रूप में योगदान दिया

    संवाद 2026 युवा संसद का सफल समापन, परीक्षा सुधार पर बिल हुआ पारित

    गम्हरिया प्रखंड के दौरे पर पहुंची सांसद जोबा माझी ने अधिकारियों संग बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की

    टाटानगर में राज दीदी का दो दिवसीय आध्यात्मिक महाआयोजन, ‘रेडिएंट स्टार्स’ और ‘कुबेर का खजाना’ कार्यक्रम 4-5 जुलाई को

    15 जून से शुरू होगा कोल्हान का प्रसिद्ध पांच दिवसीय हरिणा मेला, भोक्ताडांग के साथ गांव-गांव दिया जा रहा आमंत्रण

    संताली शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री से करेंगे वार्ता : संजीव सरदार

    कोवाली में निर्माणाधीन पुलिया पर रेडियम तथा बांस घेरा लगाना अतिआवश्यक

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.