राखा कॉपर में 242 करोड़ के उद्योग आज तक शुरू नहीं, जमीन लेने के बाद फैक्ट्री न लगाने पर बढ़ी नाराजगी
स्थानीय लोग और ग्राम प्रधान बोले—जमीन वापस की जाए
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। राखा कॉपर स्थित जिया-डा द्वारा आवंटित 218.62 एकड़ जमीन पर उद्योग लगाने की योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। सरकार द्वारा कम कीमत पर जमीन दिए जाने के बावजूद अधिकांश उद्योगपतियों ने 7–8 साल में फैक्ट्री शुरू नहीं की।
पूर्व मंत्री एवं घाटशिला के स्व. विधायक रामदास सोरेन के प्रयास से 2 फरवरी 2023 को 242 करोड़ की लागत से 18 उद्योगों का भूमि पूजन किया गया था, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और पलायन रुके। लेकिन 35 महीने बीत जाने के बाद भी अधिकांश उद्योग बंद पड़े हैं।
इथेनॉल कंपनी का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन उत्पादन शुरू नहीं हुआ है। जूस फैक्ट्री बंद है और काली ईंट फैक्ट्री भी अक्सर ठप रहती है। स्थानीय ग्राम प्रधानों और किसानों ने कहा कि उद्योग न लगने से वे अपनी खेती की जमीन से भी वंचित हो गए हैं और अब भूमि वापसी की मांग तेज हो गई है।
लोगों का आरोप है कि कई कंपनियों ने सस्ती जमीन लेकर बैंक से लोन तो ले लिया, पर साइट पर कोई काम नहीं किया। इथेनॉल कंपनी पर स्वर्णरेखा नदी अतिक्रमण और पर्यावरण मानकों की अनदेखी के भी आरोप लगे हैं।
भूमि पूजन के दौरान कई उद्योगपति कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए थे, जिससे तत्कालीन विधायक रामदास सोरेन नाराज हुए थे। उन्होंने विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए चेताया था कि “फैक्ट्री नहीं लगी तो जमीन वापस ली जाएगी।”
एचसीएल को 90 एकड़ में कॉनसेंट्रेट प्लांट खोलने की अनुमति मिली थी, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया है। यदि सभी प्रोजेक्ट शुरू हो जाते, तो करीब 5000 लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता।
अब क्षेत्र में यह चर्चा है कि नए विधायक सोमेश सोरेन क्या अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा करा पाएंगे या नहीं।

