मंत्री पद को लेकर श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा तेज, 25 सितंबर के बाद हो सकती है तस्वीर साफ
राष्ट्र संवाद संवाददाता
गिरिडीह: झारखंड की राजनीति में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। गिरिडीह विधायक एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद खाली हुए मंत्री पद को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा उनकी पत्नी श्वेता शर्मा के नाम को लेकर हो रही है। हालांकि सरकार या झामुमो की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार 25 सितंबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। इसके बाद 26 सितंबर से आगे किसी भी समय मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इन चर्चाओं की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद गिरिडीह विधानसभा सीट पर होने वाले संभावित उपचुनाव को भी इन चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में सुदिव्य कुमार सोनू ने भाजपा प्रत्याशी निर्भय कुमार शाहाबादी को 3,838 मतों के अंतर से हराया था। ऐसे में यह सीट झामुमो और भाजपा दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि झारखंड की राजनीति में पहले भी दिवंगत नेताओं के परिजनों को राजनीतिक जिम्मेदारी दिए जाने के उदाहरण सामने आ चुके हैं। पूर्व मंत्री जगरनाथ महतो के निधन के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को मंत्री बनाया गया था, वहीं हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद उनके पुत्र हफीजुल हसन को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
इधर, 17 सितंबर को गिरिडीह में आयोजित सुदिव्य कुमार सोनू के द्वादश कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और झामुमो के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बाद भी राजनीतिक चर्चाओं को बल मिला है। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक किसी नाम पर अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक हलकों की नजर अब 25 सितंबर की कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और खाली पड़े पदों को भरने को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल श्वेता शर्मा के नाम को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हैं, लेकिन अंतिम फैसला सरकार और पार्टी नेतृत्व की आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगा।

