लेखक: मनीषा शर्मा
शिवानी फाउंडेशन ने दादरी और कासना स्थित अपने केंद्रों पर 80वाँ स्वतंत्रता दिवस अत्यंत उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया। यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि वंचित बच्चों के जीवन में शिक्षा और संस्कार के प्रकाश को फैलाने का एक सशक्त माध्यम भी बना।
शिवानी फाउंडेशन का स्वतंत्रता दिवस समारोह
शिवानी फाउंडेशन के तत्वावधान में दादरी और कासना स्थित केंद्रों पर अत्यंत उत्साहपूर्ण माहौल में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में फाउंडेशन के कई बच्चों ने भाग लिया।
शिवानी फाउंडेशन आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े इन बच्चों को बुनियादी शिक्षा, सौंदर्यात्मक विकास और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर ध्वजारोहण के बाद बच्चों द्वारा राष्ट्रगान, भक्ति प्रार्थना और मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए गए।
इस कार्यक्रम में शिवानी फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती बर्णाली खारा और स्थायी सदस्य श्रीमती भानुमती राव के साथ-साथ शिक्षिका साक्षी सिंह, शिक्षिका मोनिका और शिक्षक मुकेश उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित बच्चों के बीच मिठाई और स्वल्पाहार (स्नैक्स) का वितरण किया गया।
शिक्षा और संस्कारों का अनूठा संगम
शिवानी फाउंडेशन लंबे समय से समाज के हाशिए पर खड़े बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित है। संस्था द्वारा संचालित केंद्र न केवल बुनियादी साक्षरता प्रदान करते हैं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्य, स्वच्छता की आदतें और कलात्मक अभिरुचि भी विकसित करते हैं। इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा का जीवंत प्रमाण थे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः काल ध्वजारोहण से हुई, जिसमें सभी बच्चों और शिक्षकों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया। राष्ट्रगान की गूंज से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें देख उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्ति भावविभोर हो गए। शिक्षिका साक्षी सिंह ने बच्चों का मार्गदर्शन किया, जबकि शिक्षक मुकेश ने अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज के प्रति प्रतिबद्धता
अध्यक्षा श्रीमती बर्णाली खारा ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है जब समाज का हर बच्चा शिक्षित, स्वस्थ और सशक्त बने। उन्होंने फाउंडेशन के आगामी योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि निकट भविष्य में व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, जिससे ये बच्चे आत्मनिर्भर बन सकें। स्थायी सदस्य श्रीमती भानुमती राव ने बच्चों को मिष्ठान्न वितरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
ऐसे आयोजन न केवल राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को बढ़ाते हैं, बल्कि वंचित वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य भी करते हैं। भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर भी सामाजिक संस्थाओं के ऐसे प्रयासों को सराहा गया है। शिवानी फाउंडेशन का यह प्रयास निश्चित रूप से अनुकरणीय है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनेगा।

