जीव बलि और डायन प्रथा अंधविश्वास, भक्ति से मिलता है आत्मबल : सुनील आनंद
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर:आनंद मार्ग प्रचारक संघ द्वारा गदरा स्थित आनंद मार्ग जागृति में 50 जरूरतमंद लोगों के बीच साड़ी एवं धोती का वितरण किया गया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में डायन प्रथा, जीव बलि और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस अवसर पर सुनील आनंद ने कहा कि तंत्र-मंत्र से किसी को नुकसान पहुंचाने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। मंत्र और साधना का उद्देश्य मानव का मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास है। उन्होंने कहा कि परमात्मा भक्ति से प्रसन्न होते हैं, जीव बलि से नहीं, इसलिए बलि प्रथा का त्याग किया जाना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बीमारी या सर्पदंश जैसी स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय अस्पताल में इलाज कराएं। डायन प्रथा और ओझा-गुणी जैसी कुप्रथाएं समाज को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि भजन, कीर्तन और आध्यात्मिक साधना से आत्मबल बढ़ता है तथा व्यक्ति अंधविश्वास और भय से मुक्त होकर जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकता है।

