Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » राजनगर पब्लिक लाइब्रेरी में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश: पत्रकार प्रदीप कुमार नायक की जंग
    Breaking News Headlines अपराध कारोबार खबरें राज्य से बिहार शिक्षा संपादकीय

    राजनगर पब्लिक लाइब्रेरी में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश: पत्रकार प्रदीप कुमार नायक की जंग

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 23, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    राजनगर पब्लिक लाइब्रेरी
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: प्रदीप कुमार नायक

    राजनगर पब्लिक लाइब्रेरी का गौरवशाली अतीत

    समय था जब “राजनगर पब्लिक लाइब्रेरी” मधुबनी जिले की पहचान थी। गांव-देहात से आए लड़के यहां खपडे के कमरे पर बैठकर BPSC, UPSC की किताबें घोंटते थे। लड़कियां कोने में बैठकर मैगजीन और अखबार पढ़ती थीं। लाइब्रेरियन सबका नाम जानते थे और किताबें खुद निकालकर देते थे। लोग कहते थे कि राजनगर में अगर कोई असली मंदिर है तो वो ये लाइब्रेरी ही है।

    भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप

    पर आज उसी मंदिर की दीवारें सवाल पूछ रही हैं। अंदर विवाह में आए वाराती हैं, मेजों पर धूल जमी है और बाहर की चर्चाएं शर्म से सिर झुका देती हैं। कहा जाता है कि सालों से ऑडिट नहीं हुआ। चंदे और सरकारी अनुदान का हिसाब किसी को नहीं पता। सदस्यता के नाम पर कागजों पर ऐसे-ऐसे नाम हैं जो कभी लाइब्रेरी की सीढ़ी भी नहीं चढ़े। चुनाव की बात करो तो जवाब मिलता है कि “वही लोग ग्यारह साल से अधिक कमेटी चला रहे हैं”। और सबसे शर्मनाक बात तब हुई जब इसी लाइब्रेरी परिसर का एक अश्लील डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। साथ ही कई रजिस्ट्रेशन प्राप्त अखबार में प्रकाशित भी हुई।

    पत्रकार प्रदीप कुमार नायक ने उठाई आवाज़

    जब सबने आंखें बंद कर लीं, तब राजनगर के ही एक पत्रकार ने आंखें खोलीं। उनका नाम है प्रदीप कुमार नायक। कोई पद नहीं, कोई कुर्सी नहीं। बस एक आम नागरिक जो चाहता था कि उसकी मिट्टी की लाइब्रेरी बदनाम न हो।

    प्रदीप जी ने कलम उठाई। एक के बाद एक 15 लेख लिखे। हर लेख में सवाल था, हर लेख में दर्द था। उन्होंने सबूत जुटाए और एक वीडियो “सिटीजन आवाज़” चैनल तक पहुंचाया। इसके बाद कई अखबार में खबर भी छपी। “राजनगर पब्लिक लाइब्रेरी: सवालों के घेरे में सार्वजनिक संस्था” तथा कई शीर्षक देकर खबर भी छपी।

    धमकियों के बावजूद नहीं झुके पत्रकार

    सच बोलने तथा लिखने की कीमत भी चुकानी पड़ी। धमकी मिली, ताने मिले, कहा गया कि “तुम्हें क्या लेना-देना”। पर राजनगर का पत्रकार टूटा नहीं। क्योंकि वो जानता था कि ये लड़ाई ईंट-पत्थर की नहीं है। ये लड़ाई उस गरीब के बेटे के सपने की है जिसके पास कोचिंग के पैसे नहीं हैं। ये लड़ाई उन बेटियों की सुरक्षा की है जो कभी यहां पढ़ने आती थीं। ये लड़ाई जनता के उस पैसे की है जो टैक्स से आता है और स्वार्थियों की जेब में चला जाता है।

    प्रशासन की चुप्पी और RTI की अनदेखी

    खबर छप गई, वीडियो सबने देख लिया, फिर भी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की तरफ से कोई जांच नहीं, कोई जवाब नहीं, कोई ऑडिट नहीं। RTI लगाओ तो जवाब नहीं आता। सदस्यता सूची मांगो तो फाइल गायब हो जाती है। सवाल सीधा है कि क्या अखबार में नाम आ जाना ही सजा है? क्या सार्वजनिक संस्था में पारदर्शिता मांगना गुनाह है?

    अब उच्च न्यायालय और सूचना आयोग का दरवाजा

    अगर आने वाले दिनों में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और हिसाब सार्वजनिक नहीं हुआ, तो अगला दरवाजा माननीय उच्च न्यायालय और सूचना आयोग का होगा।

    एक कलम से शुरू हुआ बदलाव

    इतिहास गवाह है कि बदलाव हमेशा एक आदमी से शुरू होता है। गांधी अकेले थे, जयप्रकाश अकेले थे। आज राजनगर में वो अकेला नाम पत्रकार प्रदीप कुमार नायक का है। उन्होंने साबित कर दिया कि एक कलम, एक कैमरा और एक जिद मिल जाए तो सिस्टम को भी जवाब देना पड़ता है।

    राजनगर की जनता जागी, लाइब्रेरी बचेगी

    राजनगर की लाइब्रेरी बचेगी। क्योंकि राजनगर का पत्रकार झुका नहीं, और क्योंकि अब राजनगर की जनता जाग गई है। “ज्ञान के मंदिर में अब अश्लीलता नहीं चलेगी। किताबों की जगह भ्रष्टाचार नहीं चलेगा।“

    पत्रकारिता पब्लिक लाइब्रेरी मधुबनी राजनगर
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleविदेशी मुद्रा भंडार 716.9 अरब डॉलर पहुंचा: भारतीय अर्थव्यवस्था हुई सुदृढ़
    Next Article महंगाई काबू में है, बस आम आदमी का बजट बेकाबू है

    Related Posts

    बखरी में लंपी वायरस की दस्तक से पशुपालकों में चिंता,12 से शुरू होगा टीकाकरण

    October 11, 2026

    सीने पर कलश रख चार साल से मां दुर्गा की आराधना में लीन हैं शंकर यादव

    October 11, 2026

    दुर्गा पूजा की तैयारियों का जायजा लेने बारो पहुंचे एसडीओ नीरज सिन्हा,

    October 11, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बखरी में लंपी वायरस की दस्तक से पशुपालकों में चिंता,12 से शुरू होगा टीकाकरण

    सीने पर कलश रख चार साल से मां दुर्गा की आराधना में लीन हैं शंकर यादव

    दुर्गा पूजा की तैयारियों का जायजा लेने बारो पहुंचे एसडीओ नीरज सिन्हा,

    बखरी में स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल: अनिका होम्योपैथिक क्लिनिक का मंत्री संजय पासवान ने किया उद

    एक दान, दो नेक काम: गोदान से गौसेवा, एंबुलेंस से जीवन रक्षा

    चतरा एसपी अनिमेष नैथानी का अफीम तस्करों पर बड़ी कार्रवाई,2.5 किलो अफीम और 4 लाख रुपये के साथ चार गिरफ्तार

    थानाध्यक्ष राजू रंजन कुमार को न्यायालय से शॉ-कोज नोटिस जारी

    एसआईआर के विरोध में खेतिहर मजदूर यूनियन ने किया मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन

    दुर्गा पूजा विसर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीसी और एसएसपी ने घाटों का किया निरीक्षण

    दुर्गा पूजा को लेकर विभिन्न मंदिरों में कलश स्थापना, निकाली गई शोभायात्रा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.