लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान के प्रयास से रहबर फाउंडेशन ने जुगसलाई के ईदगाह मैदान में आयोजित कार्यक्रम में 100 जरूरतमंद लोगों को फल एवं सब्जी के ठेले, तराजू और कारोबार शुरू करने का आवश्यक सामान वितरित किया। उद्देश्य जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाकर सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम में बिहार अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गुलाम रसूल बलियावी, डॉ. गुलाम जरकानी, रहबर फाउंडेशन के अल्लामा रोशन जमीर सहित कई सामाजिक एवं धार्मिक हस्तियां मौजूद रहीं। वक्ताओं ने कहा कि स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना सबसे बड़ी सामाजिक सेवा है और इस तरह की पहल गरीब एवं बेरोजगार लोगों के लिए नई उम्मीद की किरण है।
इस अवसर पर लाभार्थियों को मेहनत और ईमानदारी से व्यवसाय करने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं क़ायदे मिल्लत अल्लामा अरशद कादरी रहमतुल्लाह अलैह के 25वें सालाना उर्स के अवसर पर लंगर का वितरण, विशेष दुआ तथा सलात व सलाम भी पेश किया गया।
रहबर फाउंडेशन ने 100 जरूरतमंद लोगों को फल एवं सब्जी के ठेले: पहल का विवरण
इस पहल की शुरुआत झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान के दृष्टिकोण से हुई, जो ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी उन्मूलन के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
रहबर फाउंडेशन लंबे समय से सामाजिक कल्याण के कार्यों में अग्रणी रहा है। संस्था ने इससे पहले भी कई जिलों में स्वरोजगार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि आर्थिक सशक्तिकरण ही सामाजिक न्याय का वास्तविक मार्ग है। उन्होंने लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे इन संसाधनों का सदुपयोग कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करें।
डॉ. गुलाम जरकानी ने इस अवसर पर अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और स्टैंड-अप इंडिया का लाभ उठाने की सलाह दी।
अल्लामा रोशन जमीर ने रहबर फाउंडेशन की ओर से आश्वासन दिया कि संस्था लाभार्थियों को आगे भी बाजार लिंकेज, लेखा-जोखा प्रशिक्षण और डिजिटल मार्केटिंग की जानकारी प्रदान करेगी।
स्थानीय निवासी मोहम्मद इकबाल ने कहा, ‘पहले मैं मजदूरी करता था, अब अपना ठेला लगाकर प्रतिदिन 500-600 रुपये कमा लेता हूँ। यह मेरी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट है।’
इस तरह के प्रयासों से न केवल व्यक्तिगत आय बढ़ती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सूक्ष्म उद्यमों को प्रोत्साहन देने से बेरोजगारी दर में कमी आती है।
झारखंड सरकार की ओर से भी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने ऐसी पहलों को सराहा है। अधिक जानकारी के लिए झारखंड अल्पसंख्यक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
आने वाले महीनों में रहबर फाउंडेशन की योजना जमशेदपुर के अलावा रांची, धनबाद और बोकारो में भी इसी तर्ज पर ठेला वितरण कार्यक्रम आयोजित करने की है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए केवल संसाधन देना पर्याप्त नहीं है; निरंतर मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच भी जरूरी है।
इस कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि सामाजिक संस्थाएं और सरकारी निकाय मिलकर जमीनी स्तर पर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

