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    Home » युद्ध का बहाना बनाकर खाद्य तेल में मुनाफाखोरी! पुराना स्टॉक ऊंचे दाम पर बेच उपभोक्ताओं की जेब पर डाका, मिलावटी तेल का भी बढ़ा खेल
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    युद्ध का बहाना बनाकर खाद्य तेल में मुनाफाखोरी! पुराना स्टॉक ऊंचे दाम पर बेच उपभोक्ताओं की जेब पर डाका, मिलावटी तेल का भी बढ़ा खेल

    Aman OjhaBy Aman OjhaApril 2, 2026No Comments3 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    युद्ध का हवाला देकर थोक विक्रेताओं के द्वारा लगातार खाद्य तेलों के दामों में बढ़ोतरी की जा रही है जिससे उपभोक्ता बेहाल है बढ़ती महंगाई से लोगों का जीना दुर्भर हो चुका है ।

    वही थोक विक्रेताओं के द्वारा मुनाफाखोरी जोरों शोर से किया जा रहा है।

    रिफाइंड तेल का प्रिंट 155 ही है और वह भी ऊंचे दाम में बिक रहा है जबकि अभी नया प्रिंट 183 आ चुका है पुराना प्रिंट का तेल भी ऊंचे भाव में बिक रहा है जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा है।

    युद्ध के समय ही थोक विक्रेताओं के द्वारा भारी मात्रा में तेल गोदाम में स्टॉक कर दिया गया है वही पुराने प्रिंट के तेल में ही वह मुनाफा खोरी कर ऊंचे दाम में बेच रहे हैं जो कि सरासर उपभोक्ताओं के साथ चोरी की जा रही है थोक विक्रेताओं के द्वारा बिना पक्का कागजात के ही माल बेच दिया जा रहा हे।

    जांच पड़ताल करने पर भारी मात्रा में राजस्व की चोरी एवं जीएसटी की चोरी पकड़ी जाएगी।

    इस तरह सरसों तेल के दाम में भी पुराना प्रिंट का माल को नया प्रिंट के हिसाब से ऊंचे दाम में बेचा जा रहा है तेल के दाम में लगभग 25 से 30 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है लोगों के थाली से तेल गायब होता जा रहा है लोगों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है लोग बेरोजगार होते जा रहे हैं वही खाद्य सामग्री के दाम बढ़ते जा रही है।

    खाद्य तेल के दामों की बढ़ोतरी होने से मिलावट खोरा कि भी चांदी हो गई है घाटशिला अनुमंडल और जमशेदपुर में थोक विक्रेताओं के द्वारा मिलावट का खाद्य तेल काफी जोर-शोर से बेचा जा रहा है जिसमें काला घोडा ,टोपी ,फ्यूचर समेत कई तरह के ब्रांड बेचा जा रहा है जो की पूरी तरह से मिलावट का तेल है।

    घाटशिला अनुमंडल के थोक विक्रेताओं के द्वारा पश्चिम बंगाल के झारग्राम और मेदिनीपुर से मिलावटी तेल मंगाकर उसमें बड़े ब्रांड का पोस्टर लगाकर बाजार में बेच रहे हैं।

     

    मिलावटी खाद्य तेल का दाम शुद्ध तेल से लगभग ₹20 प्रति लीटर कम है और 15 किलो का टीन भी लगभग 300 से ₹400 प्रति टीन कम होता है जिससे थोक विक्रेताओं को भारी मुनाफा हो रही है साथ ही साथ यह मिलावटी तेल लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है जिससे विभिन्न प्रकार के रोग लोगों को हो रहे हैं जिसमें पेट से संबंधित रोग, चर्म रोग एवं हृदय रोग विशेष कर मिलावटी तेल खाने से होती है।

    मिलावटी तेल में कई तरह के रासायनिक पदार्थ का उपयोग किया जाता है जो शरीर के लिए काफी हानिकारक है। खुदरा विक्रेता संघ के द्वारा मिलावट खोरा पर कार्रवाई करने और तेल में मुनाफा खोरी करने वाले पर कार्रवाई करने की मांग की हे।

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