तारा पब्लिक स्कूल के प्राचार्य — शिक्षा और अनुशासन के प्रतीक
राष्ट्र संवाद संवाददाता
हाता : तारा पब्लिक स्कूल, हरिवंश नगर हाता के प्राचार्य पिछले 16 वर्षों से अपने पद पर कार्यरत रहकर शिक्षा जगत में मिसाल कायम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में विद्यालय ने नई पहचान बनाई है, जहां अनुशासन, समयबद्धता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की परंपरा स्थापित हुई है।

प्राचार्य का लक्ष्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनमें संस्कारों का संचार करना भी है। यही कारण है कि विद्यालय के छात्र-छात्राएं शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ सांस्कृतिक व खेलकूद गतिविधियों में भी आगे बढ़ रहे हैं।

शिक्षक परिवार से जुड़े प्राचार्य को अपने पिता से प्रेरणा मिली, जिनका आठ वर्ष की आयु में निधन हो गया। इसके बावजूद उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और लगन से शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल कीं। 24 वर्षों का शिक्षण अनुभव रखने वाले प्राचार्य का मानना है कि

बच्चे केवल अंकों के लिए नहीं पढ़ें, बल्कि अच्छे इंसान बनें और समाज में सकारात्मक योगदान दें।उनकी कार्यशैली, व्यक्तित्व और समर्पण ने न केवल विद्यालय परिवार में, बल्कि अभिभावकों और समाज में भी विश्वास का माहौल बनाया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।

