राष्ट्रपति मुर्मू ने नर्सिंग पेशे से जुड़े 15 लोगों को उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने में अनुकरणीय योगदान और सेवा के लिए मंगलवार को 15 नर्सिंग पेशेवरों को वर्ष 2026 के ‘नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल’ पुरस्कार प्रदान किए।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा, “नर्सिंग कर्मी सेवा के उच्चतम मानकों का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और अक्सर सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैं सभी पुरस्कार विजेताओं को कर्तव्य के प्रति उनकी प्रेरणादायक निष्ठा और रोगियों की देखभाल के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के उनके अथक प्रयासों के लिए बधाई देती हूं।”
विभिन्न क्षेत्रों और स्वास्थ्य सेवा संस्थानों से कुल 15 नर्सों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और समुदाय के कल्याण के प्रति उनकी उत्कृष्ट प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया गया।
ये पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की उपस्थिति में आयोजित एक समारोह में प्रदान किए गए।
अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि यह अवसर उन नर्सिंग कर्मियों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के अमूल्य योगदान को उचित सम्मान प्रदान करने का है, जो करुणा और अटूट समर्पण के साथ राष्ट्र की सेवा करते हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित ‘नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल’ पुरस्कार, केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वयंसेवी संगठनों में कार्यरत पंजीकृत नर्सों, दाइयों, सहायक नर्स दाइयों (एएनएम) और महिला स्वास्थ्य परिचारिकाओं सहित नर्सिंग पेशेवरों के समर्पण, करुणा और जुझारूपन को सम्मानित करता है।
इस पुरस्कार में योग्यता प्रमाण पत्र, एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक पदक शामिल है।
पुरस्कार प्राप्त करने वालों में लद्दाख, महाराष्ट्र, मिजोरम, सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप सहित देश के विभिन्न हिस्सों से छह एएनएम और नौ नर्सें शामिल थीं।

