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    घाटशिला उपचुनाव में सियासी पारा चढ़ा

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarNovember 3, 2025No Comments2 Mins Read
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    घाटशिला उपचुनाव में सियासी पारा चढ़ा

    भाजपा-जेमएम आमने-सामने, मरांडी बोले– झामुमो को अपने कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर। घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ही अपनी-अपनी जीत का दावा कर रही हैं। बयानबाज़ी और जनसभाओं के दौर के बीच उपचुनाव का माहौल पूरी तरह गर्मा गया है।

     

    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झामुमो पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झामुमो को अपने ही कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं है, इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन को खुद मैदान में उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जनता अब झामुमो का असली चेहरा पहचान चुकी है और इस बार घाटशिला की जनता भाजपा के पक्ष में मतदान कर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज कराएगी।

     

    दूसरी ओर, झामुमो के केंद्रीय महासचिव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा एक कटी और बटी हुई पार्टी है और घाटशिला में उसकी हार तय है। उन्होंने दावा किया कि झामुमो प्रत्याशी के पक्ष में जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।

     

    उल्लेखनीय है कि घाटशिला विधानसभा उपचुनाव 11 नवंबर को होना है। दोनों दलों के बीच मुकाबला कड़ा और प्रतिष्ठापूर्ण माना जा रहा है। झामुमो प्रत्याशी के पक्ष में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन लगातार रोड शो और सभाओं के माध्यम से प्रचार में जुटे हैं।

     

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, 8 नवंबर तक मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन चुनावी प्रचार में सक्रिय रहेंगे। वहीं भाजपा अपने प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन की जीत सुनिश्चित मान रही है और दावा कर रही है कि इस बार जनता “विकास और पारदर्शिता” के मुद्दे पर भाजपा को चुनने का मन बना चुकी है।

    घाटशिला उपचुनाव में सियासी पारा चढ़ा
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