कविता मूलतः मनुष्य की हृदय की आवाज होती है – संजय राठी
स्पंदन संस्था द्वारा मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
मॉडल टाउन के डबल पार्क में स्थित कान्हा लाइब्रेरी में एक काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। हेम चंद्र मलिक, सेवानिवृत्ति प्रधानाचार्य, की अध्यक्षता में हुई इस काव्यगोष्ठी में मुख्य अतिथि की भूमिका मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी तथा विशिष्ट अतिथि की भूमिका डॉ० मधुकांत जी ने निभाई। मंच संचालन पवन गहलोत ने किया।
कार्यक्रम में पवन गहलोत, ममता शर्मा, देशराज ‘देश’, श्यामलाल कौशल, ममता शर्मा और पवन गहलोत द्वारा रिश्ते, समाज, प्रकृति, मानवीय संवेदनाओं और, न्याय व्यवस्था आदि विषयों पर कविताएँ प्रस्तुत की गईं।
अध्यक्ष हेम चंद्र मलिक ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि – किसी भी सकारात्मक विचार के व्यक्ति अथवा संस्था के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
स्पंदन संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए मुख्य अतिथि संजय राठी ने कहा कि – कविता मूलतः मनुष्य की हृदय की आवाज होती है और कवि मनुष्य के हृदय की आवाज को समाज तक पहुँचाकर पुण्य का भागी बनता है।
विशिष्ट अतिथि डॉ० मधुकांत ने कहा कि – वर्तमान समय में स्त्री और पुरुष को एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की आवश्यकता है। दोनों सहयोग की भावना से चलेंगे तभी समाज उन्नति कर सकता है।
स्त्री शक्ति संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता शर्मा ने पुरुष दिवस के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि – समाज में पुरुषों का महत्व किसी भी तरीके से कमतर नहीं आँका जा सकता।
कार्यक्रम में उपस्थित डॉ० रजत शर्मा ने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में सेवानिवृत प्रोफेसर शामलाल कौशल और अभिनेता अजय पांचाल की उपस्थिति भी सराहनीय रही।

