रिपोर्ट – अमन ओझा (ब्यूरो चीफ, कोल्हान)
हजारीबाग और बोकारो के बाद अब पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस विभाग के खातों से करीब 45 लाख रुपये की अवैध निकासी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले के खुलासे के बाद एक पुलिस आरक्षी को हिरासत में लिया गया है, जबकि लेखा विभाग से जुड़े दो अन्य कर्मचारियों से भी गहन पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश आंतरिक ऑडिट के दौरान हुआ, जिसमें कई महीनों से अलग-अलग फर्जी बिलिंग के जरिए रकम निकाले जाने के संकेत मिले हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि विभागीय खातों से योजनाबद्ध तरीके से धन की निकासी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार के नेतृत्व में जांच शुरू कर दी गई है, वहीं रांची मुख्यालय से आई वित्तीय टीम भी जांच में जुट गई है। पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस घोटाले में किन-किन लोगों की संलिप्तता है। फिलहाल हिरासत में लिए गए कर्मियों से पूछताछ जारी है और प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

