Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी सुब्रमण्यम भारती की संपूर्ण रचनाओं के संग्रह का विमोचन किया
    Headlines राजनीति

    प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी सुब्रमण्यम भारती की संपूर्ण रचनाओं के संग्रह का विमोचन किया

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 11, 2024No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी सुब्रमण्यम भारती की संपूर्ण रचनाओं के संग्रह का विमोचन किया

    नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी सुब्रमण्यम भारती की संपूर्ण रचनाओं के संग्रह का विमोचन किया और उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके जैसा व्यक्तित्व सदियों में एक बार आता है।

    मोदी ने कहा कि भारती के विचार और बौद्धिक प्रतिभा आज भी लोगों को प्रेरित करती है।

    प्रधानमंत्री ने अपने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर इस संग्रह का विमोचन किया।

     

     

    भारती की संपूर्ण रचनाओं का 23 खंडों का संग्रह सीनी विश्वनाथन द्वारा संकलित और संपादित किया गया है। इसमें सुब्रमण्यम भारती के लेखन के संस्करणों, व्याख्याओं, दस्तावेजों, पृष्ठभूमि की जानकारी और दार्शनिक प्रस्तुति आदि का विवरण शामिल है। इसे अलायंस पब्लिशर्स ने प्रकाशित किया है।

    इस अवसर पर अपने संबोधन में मोदी ने कहा, ‘‘हमारे देश में शब्दों को महज अभिव्यक्ति नहीं माना जाता। हम उस संस्कृति का हिस्सा हैं जो शब्द ब्रह्म की बात करती है, शब्दों की अनंत शक्ति के बारे में बात करती है।’’

    उन्होंने कहा कि भारती ऐसे मनीषी थे जो देश की आवश्यकताओं को देखते हुए काम करते थे और उनका दृष्टिकोण इतना व्यापक था कि उन्होंने हर उस दिशा में काम किया जिसकी जरूरत उस कालखंड में देश को थी।

     

     

    उन्होंने कहा, ‘‘भारतियार केवल तमिलनाडु और तमिल भाषा की ही धरोहर नहीं है, वो एक ऐसे विचारक थे जिनकी हर सांस मां भारती की सेवा के लिए समर्पित थी। भारत का उत्कर्ष उनका सपना था।’’

    प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार ने कर्तव्य भावना से भारतियार के योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए, जितना हो सके उतना प्रयास किया है।

    उन्होंने कहा, ‘‘भारती जैसा व्यक्तित्व सदियों में कभी एक बार मिलता है। उनका चिंतन, उनकी मेधा, उनका बहु-आयामी व्यक्तित्व… ये आज भी हर किसी को हैरान करता है।’’

    मोदी ने कहा कि उनके और भारती के बीच एक जीवंत संबंध है और वह काशी से जुड़ा है।

    उन्होंने कहा, ‘‘वह काशी में ज्ञान प्राप्त करने आए थे और आज भी उनके परिवार के सदस्य वहां रहते हैं।’’

    प्रधानमंत्री लोकसभा में वाराणसी (काशी) का प्रतिनिधित्व करते हैं।

     

     

    इससे पहले, मोदी ने भारती की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि समानता तथा महिला सशक्तीकरण पर उनके प्रगतिशील आदर्श उतने ही प्रेरणादायक हैं, जितने देशभक्ति और क्रांति की ज्वाला प्रज्ज्वलित करने वाले उनके सशक्‍त विचार रहे हैं।

    सुब्रमण्यम भारती देश के महान कवियों में से एक थे। उन्होंने तमिल भाषा में काव्य रचनाएं कीं। उन्हें आधुनिक तमिल शैली का जनक कहा जाता है और उन्हें ‘महाकवि भारथियार’ के नाम से भी जाना जाता है।

    प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं महान सुब्रमण्यम भारती को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। एक दूरदर्शी कवि, लेखक, विचारक, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक के रूप में उनके सशक्‍त विचारों ने असंख्य लोगों में देशभक्ति और क्रांति की ज्वाला प्रज्ज्वलित की। समानता और महिला सशक्तीकरण पर उनके प्रगतिशील आदर्श भी उतने ही प्रेरणादायक हैं।’’

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबंगाल: पांच घंटे बाद रेल रोको आंदोलन वापस लिया गया, दो रेलगाड़ियों का परिचालन रद्द
    Next Article महाराष्ट्र मंत्रिमंडल का 14 दिसंबर तक हो सकता है विस्तार, फडणवीस दिल्ली रवाना

    Related Posts

    बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सरकार को घेरा: जातीय पहचान और आरक्षण पर तीखे सवाल

    July 24, 2026

    बिहार विधानसभा में जातीय पहचान और आरक्षण पर सत्ता पक्ष ने घेरा सरकार को

    July 24, 2026

    ठाणे में मौत का तांडव: जगदाले एवेसा के पीछे हवा में लटका 250 किलो मलबा, जान का खतरा

    July 24, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सरकार को घेरा: जातीय पहचान और आरक्षण पर तीखे सवाल

    बिहार विधानसभा में जातीय पहचान और आरक्षण पर सत्ता पक्ष ने घेरा सरकार को

    ठाणे में मौत का तांडव: जगदाले एवेसा के पीछे हवा में लटका 250 किलो मलबा, जान का खतरा

    जगदाले एवेसा के पीछे लटका 250 किलो मलबा: ठाणे में बड़ा हादसे का खतरा

    बहुड़ा यात्रा: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु, कड़ी सुरक्षा

    जल संकट का असंतुलित प्रबंधन: अस्तित्व पर मंडराता खतरा – ललित गर्ग का विश्लेषण

    जल संकट: असंतुलित प्रबंधन से अस्तित्व पर मंडराता खतरा

    पेपर लीक पर कठोर कानून और संवाद की जरूरी पहल

    पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून के साथ संवाद भी जरूरी: देवानंद सिंह

    पेपर लीक पर कठोर कानून: छात्रों का भविष्य और लोकतंत्र की गरिमा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.