नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मुद्दों को उठाने वाली याचिकाएं दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं को मंगलवार को आश्वासन दिया कि उनकी सभी अर्जियों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष कई याचिकाओं का उल्लेख कर उन्हें तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया।
प्रधान न्यायाधीश ने मामले का उल्लेख करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन से कहा, ‘‘हम इन सभी मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेंगे। यह सुनिश्चित करें कि याचिकाओं में मौजूद सभी कमियों को दूर कर लिया जाए।’’
पीठ ने कहा कि इन याचिकाओं को बुधवार या बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।
शंकरनारायणन ने पीठ को बताया कि वह एक पत्रकार की ओर से दायर अवमानना याचिका का उल्लेख कर रहे हैं। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि उच्चतम न्यायालय के 11 अक्टूबर के आदेश का उल्लंघन किया गया है।
उच्चतम न्यायालय ने 11 अक्टूबर को कहा था कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने वाले लोगों को अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए और उसने केंद्र सरकार से यह सुनिश्चित करने को भी कहा था कि कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो सामान्य रूप से संचालित हो और इंटरनेट सेवाओं में कोई बाधा न आए।
शहर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

