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    Home » एमपी : प्रदेश में 24 घंटे मॉल-दुकानें खुलने का रास्ता साफ, राज्यपाल ने दी श्रम शक्ति संहिता को मंजूरी
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    एमपी : प्रदेश में 24 घंटे मॉल-दुकानें खुलने का रास्ता साफ, राज्यपाल ने दी श्रम शक्ति संहिता को मंजूरी

    News DeskBy News DeskAugust 13, 2026No Comments4 Mins Read
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    xएमपी में अब रात के समय भी बाजार गुलजार रहेंगे और लोग चौबीसों घंटे अपनी सुविधा के अनुसार खरीदारी और खान-पान कर सकेंगे. राज्य में व्यापार को बढ़ावा देने और कामकाजी माहौल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मप्र कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता यानी श्रम शक्ति संहिता, 2026 को मंजूरी दे दी है. नई संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में सभी दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे खुले रखे जा सकेंगे. इस बड़े फैसले से राज्य के व्यापार और बाजार व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है.

    हालांकि, नई व्यवस्था का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों से लगातार दिन-रात काम कराया जाएगा. नई संहिता में कर्मचारियों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा गया है. इसके लिए नियोक्ताओं को शिफ्ट सिस्टम लागू करना होगा. तय समय पूरा होने के बाद कर्मचारियों की शिफ्ट बदलना जरूरी होगा. नए नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी से एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकेगा. अगर किसी खास परिस्थिति में कर्मचारी से अतिरिक्त समय तक काम कराया जाता है, तो इसके लिए पहले उसकी लिखित या स्पष्ट सहमति लेनी होगी. साथ ही अतिरिक्त समय यानी ओवरटाइम के लिए तय नियमों के अनुसार भुगतान भी करना होगा.

    रात में भी खरीदारी और खान-पान की सुविधा

    नई व्यवस्था से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. अब लोग अपनी सुविधा के अनुसार रात में भी मॉल, होटल, रेस्टोरेंट या दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जाकर खरीदारी कर सकेंगे और सेवाओं का लाभ ले सकेंगे. कारोबारियों के लिए भी यह एक बड़ा मौका होगा, जिससे वे अपने कारोबार का दायरा बढ़ा सकेंगे. इसके साथ ही सरकार ने व्यापारियों के लिए प्रक्रियाएं भी आसान कर दी हैं. अब दुकानदारों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों को बार-बार दुकान का पंजीकरण या उसका नवीनीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी. अब सिर्फ एक बार ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा. इसके बाद उन्हें एक प्रमाण-पत्र और विशिष्ट पहचान संख्या यानी यूनिक आईडी नंबर जारी किया जाएगा. भविष्य में दुकान या प्रतिष्ठान से जुड़ी किसी जानकारी में बदलाव होने पर उसे ऑनलाइन ही अपडेट किया जा सकेगा.

    कर्मचारियों की सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर

    नई संहिता में कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है. इसके तहत कार्यस्थल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे मालिक या नियोक्ता की होगी. सभी प्रतिष्ठान मालिकों को अपने यहां साफ-सफाई, पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करनी होंगी. अगर कहीं कोई दुर्घटना होती है या खतरे की आशंका रहती है, तो श्रम विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर जांच कर सकेंगे और जरूरी कार्रवाई कर सकेंगे. इसके अलावा महिला कर्मचारियों के लिए भी कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने के साथ उनके काम से जुड़े विशेष सुरक्षा प्रावधान लागू किए गए हैं.

    असंगठित कामगारों को भी मिलेगा लाभ

    नई संहिता का एक अहम पहलू यह भी है कि इसमें असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को भी सुरक्षा देने की व्यवस्था की गई है. रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक और असंगठित क्षेत्र के अन्य मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा और सरकार की अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा. इन कामगारों को स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, परिवहन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी. श्रमिकों की समस्याओं और शिकायतों का जल्द समाधान करने के लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और विशेष समितियां बनाई जाएंगी. श्रम विभाग के अधिकारियों को जरूरत पडऩे पर किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान की अचानक जांच करने और जरूरी दस्तावेज व रिकॉर्ड मांगने का अधिकार होगा. अगर जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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