यूसीआईएल अस्पताल में दवा संकट से मरीज परेशान, सुविधाओं की बदहाली पर उठे सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। जादूगोड़ा स्थित यूसीआईएल अस्पताल इन दिनों दवा की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर चर्चा में है। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाएं कई दिनों बाद भी उपलब्ध नहीं हो रही हैं, जिससे इलाज प्रभावित हो रहा है। मरीजों का कहना है कि 3 जून को लिखी गई दवाएं 9 जून तक भी नहीं मिल सकीं।
जानकारी के अनुसार, यूसीआईएल अस्पताल में दवा आपूर्ति का दो वर्षीय लगभग 16 करोड़ रुपये का टेंडर के.के. फार्मा को दिया गया है। यूनियन नेताओं का आरोप है कि टेंडर मिलने के बाद से दवा आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है और कई बार ब्रांडेड दवाओं के स्थान पर दूसरी कंपनियों की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस संबंध में यूसीआईएल प्रबंधन को कई बार लिखित शिकायत भी दी गई है।
दवा संकट के अलावा अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों की कमी भी गंभीर समस्या बनी हुई है। बताया जा रहा है कि पहले अस्पताल में 15 डॉक्टर कार्यरत थे, जो अब घटकर 7 रह गए हैं। वहीं 29 नर्सों की संख्या भी घटकर 12 रह गई है। डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति के बाद नए चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल की अन्य सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। गर्मी के मौसम में वार्डों में एसी नहीं होने, जर्जर बेड-पंखों, कैंटीन की खराब व्यवस्था तथा समय पर भोजन उपलब्ध नहीं होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों और यूनियन नेताओं ने यूसीआईएल प्रबंधन से दवा आपूर्ति, चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति तथा बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग की है। हालांकि इन आरोपों पर यूसीआईएल अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

