Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » अदाणी सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष का हंगामा, रास एक बार बाधित होने के बाद दिन भर के लिए स्थगित
    Headlines राजनीति राष्ट्रीय

    अदाणी सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष का हंगामा, रास एक बार बाधित होने के बाद दिन भर के लिए स्थगित

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 2, 2024No Comments6 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    अदाणी सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष का हंगामा, रास एक बार बाधित होने के बाद दिन भर के लिए स्थगित

    नयी दिल्ली:  अदाणी समूह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप, उत्तर प्रदेश के संभल और मणिपुर में हिंसा व कानून व्यवस्था की स्थिति सहित कुछ अन्य मुद्दों पर तत्काल चर्चा कराए जाने की मांग खारिज होने के बाद सोमवार को विपक्ष ने राज्यसभा में हंगामा किया, जिसके कारण उच्च सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

    एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने हंगामे के बीच प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की। इसी दौरान द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के तिरूची शिवा ने अपनी बात रखने के लिए आसन से अनुमति मांगी।

    सभापति ने कहा कि यदि हंगामा कर रहे सदस्य अपने-अपने स्थान पर चले जाएं और शांति बनाए रखें तो वह उन्हें अनुमति देंगे। लेकिन हंगामा जारी देख उन्होंने कुछ ही देर में कार्यवादी दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

     

     

    इससे पहले, सुबह कार्यवाही आरंभ होने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन की ओर से उच्च सदन के नेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा तथा उत्तर प्रदेश से भाजपा के सदस्य तेजवीर सिंह को जन्मदिन की बधाई दी।

    धनखड़ ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद बताया कि उन्हें विभिन्न मुद्दों पर नियम 267 के तहत चर्चा के लिए कुल 20 नोटिस मिले हैं लेकिन वह इन्हें स्वीकार करने की स्थिति में नहीं हैं।

    कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, अनिल कुमार यादव, रजनी पाटिल, जेबी माथेर हिशाम, अखिलेश प्रसाद सिंह, सैयद नासिर हुसैन और फूलों देवी नेताम के अलावा मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) के वाइको ने अदाणी समूह के कथित भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और वित्तीय अनियमितताओं सहित अन्य कदाचारों के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिए थे।

    समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन और जावेद अली खान, कांग्रेस के नीरज डांगी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के ए ए रहीम ने उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिए थे जबकि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के तिरूचि शिवा और निर्दलीय अजीत कुमार भुयान ने मणिपुर में जारी हिंसा के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिए।

     

     

    धनखड़ ने बताया कि आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने दिल्ली में अपराध के बढ़ते मामलों पर चर्चा के लिए नोटिस दिया जबकि उन्हीं की पार्टी के राघव चड्ढा ने बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार और इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया था।

    सभापति के मुताबिक कांग्रेस के अनिल कुमार यादव, नीरज डांगी और इमरान प्रतापगढ़ी ने अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर पैदा हुए ताजा विवाद पर चर्चा कराने के नोटिस दिए थे।

    सभी नोटिस अस्वीकार करते हुए सभापति ने सदस्यों से आग्रह किया वे उन्हें सूचिबद्ध कामकाज निपटाने में मदद करें।

    इसी दौरान, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे कुछ कहने के लिए खड़े हुए लेकिन सभापति ने कहा कि उनकी बात अभी पूरी नहीं हुई है।

    धनखड़ ने संसद की स्थिति की तुलना मर्फी के उस नियम से की जिसमें कहा गया है, ‘‘अगर किसी चीज के गलत होने की थोड़ी भी संभावना है तो वह गलत होगी।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि इस उच्च सदन में मर्फी के नियम को साकार करने के लिए एक जानबूझकर बनाया गया एल्गोरिद्म है, जिससे संसद के सुचारू कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘हम स्वयं वही कर रहे हैं जो हमारे संविधान द्वारा अपेक्षित नहीं है।’’

    इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा और तेज कर दिया।

    सभापति ने उनसे संविधान निर्माताओं के नाम पर संसद की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘इसे बेकार मत बनाओ।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘जो हम कर रहे हैं, वह जनता के लिए पूर्ण निरादर का एक तमाशा है। कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं जा रहा है…मैं आपसे संविधान के निर्माताओं और देश की जनता के नाम पर अपील करता हूं कि संसद को सुचारू रूप से चलने दें।’’

     

     

     

    हंगामे और शोरगुल के बीच सभापति धनखड़ ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 15 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

    संसद के शीतकालीन सत्र का आज छठा दिन है और कार्यदिवस के रूप में पांचवा दिन है। सत्र का आरंभ गत सोमवार को हुआ था और मंगलवार को ‘संविधान दिवस’ समारोह के मद्देनजर दोनों ही सदनों की कार्यवाही को संयुक्त बैठक के रूप में तब्दील कर दिया गया था।

    सोमवार से शुरु हुए संसद सत्र में अभी तक कोई खास विधायी कामकाज नहीं हो सका है और पहला सप्ताह हंगामे की भेंट चढ़ गया। एक भी दिन न तो शून्यकाल हुआ और ना ही प्रश्नकाल चल सका। विपक्षी सदस्यों ने इस दौरान अदाणी समूह के खिलाफ भ्रष्टाचार और मणिपुर तथा संभल में हिंसा सहित कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए नोटिस दिए और हर बार सभापति ने इन्हें खारिज कर दिया।

    सभापति ने पिछले दिनों सदन में बताया था कि विगत 36 वर्षों में नियम 267 को केवल छह अवसरों पर ही अनुमति दी गई है और केवल असाधारण परिस्थितियों में ही इसकी अनुमति दी जा सकती है।

    नियम 267 राज्यसभा सदस्य को सभापति की मंजूरी से सदन के पूर्व-निर्धारित एजेंडे को निलंबित करने की विशेष शक्ति देता है। नियम 267 के तहत कोई भी चर्चा संसद में इसलिए बहुत महत्व रखती है क्योंकि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर चर्चा के लिए अन्य सभी कामों को रोक दिया जाता है।

    अगर किसी मुद्दे को नियम 267 के तहत स्वीकार किया जाता है तो यह दर्शाता है कि यह आज का सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दा है।

    राज्यसभा की नियम पुस्तिका में कहा गया है, ‘‘कोई भी सदस्य सभापति की सहमति से यह प्रस्ताव कर सकता है। वह प्रस्‍ताव ला सकता है कि उस दिन की परिषद के समक्ष सूचीबद्ध एजेंडे को निलंबित किया जाए। अगर प्रस्ताव पारित हो जाता है तो विचाराधीन नियम को कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया जाता है।’’

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Article“बाबा नाम केवलम् ” कीर्तन एक उच्चतम और श्रेष्ठतम भावनात्मक अभ्यास है जो हमें अशांति, तनाव और चिंता से मुक्ति दिलाता है
    Next Article अतिक्रमण के खिलाफ आदित्यपुर नगर निगम हुआ रेस,24 घंटे की दी मोहलत, अतिक्रमणकारियों में हड़कंप

    Related Posts

    टाटानगर स्टेशन क्षेत्र में रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाया, री-डेवलपमेंट योजना के तहत 32 दुकान व मकान ध्वस्त

    January 16, 2026

    बिष्टुपुर के सीएच एरिया में दिनदहाड़े उद्यमी देवांग गांधी के बेटे कैरव का अपहरण, विहिप ने प्रशासन से सुरक्षित बरामदगी की मांग की

    January 16, 2026

    ईएल भुगतान में लापरवाही से यूसील को भारी नुकसान, ठेका मजदूरों की हड़ताल के बाद टूटी प्रबंधन की नींद

    January 15, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    टाटानगर स्टेशन क्षेत्र में रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाया, री-डेवलपमेंट योजना के तहत 32 दुकान व मकान ध्वस्त

    बिष्टुपुर के सीएच एरिया में दिनदहाड़े उद्यमी देवांग गांधी के बेटे कैरव का अपहरण, विहिप ने प्रशासन से सुरक्षित बरामदगी की मांग की

    आदित्यपुर में भक्ति और श्रद्धा का महासंगम, शिव-काली मंदिर के 15वें स्थापना दिवस पर भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीराम कथा सह शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ

    ईएल भुगतान में लापरवाही से यूसील को भारी नुकसान, ठेका मजदूरों की हड़ताल के बाद टूटी प्रबंधन की नींद

    तिलाई पहाड़ में मां ठाकुरानी की पूजा भक्ति भाव से संपन्न

    गम्हरिया प्रखंड सह अंचल कार्यालय से एसी का आउटर यूनिट चोरी अज्ञात चोरों के खिलाफ आदित्यपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज

    राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत गम्हरिया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    डीएलसी ने टाटा पावर प्रबंधन से मांगा जवाब, मजदूरों में आक्रोश

    कैरव गांधी के लापता होने पर पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने परिजनों से की मुलाकात, पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग

    कैरव गांधी अपहरण मामले में सरयू राय ने डीजीपी और एसएसपी से बात की

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.