Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सोशल मीडिया पर नीतीश की हो रही है किरकिरी महेश भारती ने समाचार विचार पर रखें अपने विचार
    Breaking News बिहार राजनीति

    सोशल मीडिया पर नीतीश की हो रही है किरकिरी महेश भारती ने समाचार विचार पर रखें अपने विचार

    Devanand SinghBy Devanand SinghJanuary 27, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    सोशल मीडिया पर नीतीश की हो रही है किरकिरी महेश भारती ने समाचार विचार पर रखें अपने विचार

    बिहार में अवसरवादी जातिवादी राजनीति की शुरुआत 1967 के लोहिया के ग़ैर कांग्रेस वाद से खुलकर सामने आयी। उस वर्ष बनी संविद सरकार में अवसरवादी परिचय देते हुए वामपंथी और जनसंघ ने सिद्धांत को तक पर रखकर सोशलिस्ट ग्रुप के साथ मिलकर सरकार बना ली। अवसरवादी वीपी मंडल, कर्पूरी ठाकुर, सत्येन्द्र नारायण सिंह जैसे लोगों के गुट ने बहुमत के बावजूद जातिवादी सोच के तहत महेश प्रसाद सिन्हा को मुख्यमंत्री बनने नहीं दिया। उन्हें डर था कि इससे कांग्रेस मजबूत हो जाएगी।अवसरवादियों ने कई कई मुख्यमंत्री बदले। सतीश प्रसाद भोला पासवान, वीपी मंडल, महामाया सिन्हा, कर्पूरी ठाकुर उसी अवसरवादी राजनीति के मुख्यमंत्री थे।

     

     

    वर्ष 1971 में जनसंघ के साथ सरकार बनाने की बहुमत लिए रामानंद तिवारी को अवसरवादी कर्पूरी ठाकुर ने एकतावादी समतावादी बनाकर बेवकूफ बना दिया और मुख्यमंत्री बनने नहीं दिया। बाद में खुद गिरगिट की तरह रंग बदलकर जनसंघ के सहयोग से मुख्यमंत्री बन गए। बेचारे रामानंद तिवारी को यह मलाल बना रहा।
    वर्ष 1991 में लालू और मंडल लहर के बीच जीतकर आए जार्ज फर्नांडिस और नीतीश कुमार ने 1994 में समता पार्टी बना ली और लगातार भाजपा के साथ राजनीति करते रहे। अवसरवादियों को राजनीति का मौसम वैज्ञानिक कहा जाने लगा। नीतीश कुमार ने वर्ष 2005 से वर्तमान के घटनाक्रम तक अवसरवादी राजनीति का जो खाका खींचा है,वह लोकतांत्रिक राजनीति के लिए शर्मनाक ही कहा जा सकता है। भारत में ये तो बिहार की बानगी भर है ऐसे उदाहरण भारतीय राजनीति में राज्य से केन्द्र तक भरे पड़े हैं।

     

     

    आज की तो पूरी राजनीति इसी पर टिकी है। दल-बदल कानून बनने के बावजूद अवसरवादी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। घृणित और घृणित तरीके से उनके रूप प्रकट होने लगे। कल एक आदमी ने मजाक में कहा अवसरवादियों की जमात के हेडमास्टर कर्पूरी ठाकुर जी को जब केन्द्र की भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार ने भारत रत्न दिए तो नीतीश कुमार को तो इस विशेषज्ञता के लिए विश्व रत्न पुरस्कार से उन्हें नवाजना चाहिए।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleअमेठी के दो लाख कार्यकर्ता रामलाल का करेंगे दर्शन
    Next Article मंत्री चम्पई सोरेन द्वारा समेकित जनजति विकास अभिकरण अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई, योजनाओं को निश्चित समयावधी में पूर्ण कर योजना के उदेश्य को पूर्ण करने का दिया गया निर्देश

    Related Posts

    यूसीआईएल की रोटेशन नीति पर उठे सवाल, संवेदनशील पदों पर वर्षों से जमे अधिकारियों को लेकर चर्चा तेज

    May 30, 2026

    पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात

    May 30, 2026

    जुगसलाई अग्निकांड ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल

    May 30, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    नारी –एक अनुपम शक्ति

    खुशियां अधूरी: सब कुछ होकर भी क्यों खाली हाथ?

    हिंदी पत्रकारिता: चुनौतियों का यथार्थ और आँकड़ों का संग्राम

    छात्रों को चाहिए भरोसा, नहीं भाषण: शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    यूसीआईएल की रोटेशन नीति पर उठे सवाल, संवेदनशील पदों पर वर्षों से जमे अधिकारियों को लेकर चर्चा तेज

    पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात

    जुगसलाई अग्निकांड ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की पोल

    धर्मांतरण के खिलाफ फिर मुखर हुए चंपाई सोरेन, उठाई संवैधानिक बदलाव की मांग

    मुख्यमंत्री से मिलीं विधायक सविता महतो, चार पुलों के निर्माण की उठाई मांग

    पूर्व एसडीओ विकास राय को भावभीनी विदाई, नए एसडीओ नितिन शिवम गुप्ता ने उज्वल भविष्य की कामना

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.