रामचंद्र उरांव पंचतत्व में हुए विलीन, अंतिम संस्कार बड़ी संख्या में लोगों ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चतरा: टंडवा प्रखंड के कारो निवासी झारखंड आंदोलनकारी नेता, रैयत विस्थापित मोर्चा के केंद्रीय सचिव एवं झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के जोनल सदस्य रामचंद्र उरांव का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर कारो गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार की तैयारी किया। रामचंद्र उरांव के अंतिम दर्शन के लिए सीसीएल प्रबंधन, प्रशासन, यूनियन, पंचायत, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। उनके पार्थिव शरीर को झामुमो के झंडे से ढककर सम्मान दिया गया। लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोगों ने रामचंद्र उरांव अमर रहें तथा जब तक सूरज-चांद रहेगा, रामचंद्र जी तेरा नाम रहेगा के नारे लगाए। मौके पर लोगों ने रामचंद्र उरांव को मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि वे विस्थापितों और मजदूरों के हक-अधिकार की आवाज मजबूती से उठाते रहे। उनके निधन को क्षेत्र,पार्टी, यूनियन,मजदूरों एवं विस्थापितों के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया। श्रद्धांजलि के बाद पार्थिव शरीर को गहरी नदी तट ले जाया गया, जहां उनके बड़े पुत्र गोविंद उरांव ने मुखाग्नि दी। इसके साथ ही रामचंद्र उरांव पंचतत्व में विलीन हो गए।

