🕉️🌺 दैनिक पंचांग एवं राशिफल 🙏१७::११::२०२५ सोमवार प्रदोष त्रयोदशी व्रत
🕉️ *ॐ नमः शिवाय ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे* 🚩
🌺 *((डा सुधा नन्द झा ज्यौतिषी मिथिला मनोकामना ज्यौतिष केन्द्र जमशेदपुर झारखंड मूल गांव राढ़ी दरभंगा मिथिला मो एवं वाट्सअप नंबर ९४३०३३६५०३(9430336503) दिन में एग्यारह बजे से रात्रि नौ बजे तक सम्पर्क कर सकते हैं परामर्श शुल्क अनिवार्य))*
🙏🙏
🙏 *जिनके विषय में कुछ पूछना चाहते हैं तो उनका नाम उनके पिताजी का नाम जन्म तारीख महीना इसवी जन्म समय और जन्म स्थान लिखकर दीजिए कृपया* 🙏🙏🌺🌺🙏🙏मेरा स्थायी और वर्तमान पता – (*डा सुधा नन्द झा ज्योतिषी कृष्णा रोड रामस्वरूप बगान दस नंबर बस्ती सिदगोड़ा जमशेदपुर*)
🕉️ मित्रों 🙏 *इस दैनिक पंचांग को आप भी अपने मित्रों और वाट्सअप समूहों में दीजिए जिससे कि अधिक से अधिक लोगों को लाभ हो सके* 🙏🙏
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
नोट – *विशेष आवश्यकता में, नौकरी करने में या नौकरी ज्वाइन करने में, विद्यार्थी को पंचक राहुकाल आदि यात्रा विचार नहीं*
*इसी प्रकार चौबीस घंटे के अंदर वापसी हो तो दिशाशूल नहीं लगता है*
दिशा शूल ज्ञान —
*रविवार और शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।*
*सोमवार और शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए*
*मंगलवार और बुधवार को उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए और गुरूवार को दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए*
🙏🙏🙏🙏
मंगला मंगली विचार —
*मंगल यदि प्रथम चतुर्थ सप्तम अष्टम या द्वादश भाव में हो तो मंगला मंगली दोष होता है किन्तु वही मंगल यदि अपने घर में हों या उच्च के हों या अपने सप्तम भाव को देख रहे हों या मंगल लग्नेश या भाग्येश हों या फिर मंगल पर शनि राहु और वृहस्पति का प्रभाव हो तो मंगल दोष समाप्त हो जाता है*
🙏नोट — *मिथिला में रहने वाले सभी मैथिल हैं चाहे वो किसी भी जाति या धर्म के क्यों ना हो ंवो मैथिल हैं और मिथिला में रहने वाले लोगों में मंगला मंगली विचार नहीं किया जाता है*🌺🌹💐🙏🙏👏🕉️
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*नाड़ी दोष समाप्त कैसे होता है* –
*वर वधू की नाड़ी एक हो तो नाड़ी दोष लगता है और विवाह अच्छा नहीं माना जाता है किन्तु यदि वर वधू का नक्षत्र अलग अलग हो तो नाड़ी दोष समाप्त हो जाता है।वर वधू का नक्षत्र भी एक हो किंतु चरण अलग अलग हो तो उस स्थिति में भी नाड़ी दोष समाप्त हो जाता है और वर वधू की नाड़ी एक रहते हुए भी वैवाहिक जीवन शुभ होता है*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें।
लाभ में व्यापार करें।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें।
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।*
*महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
*सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है*
*💮
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮 *आपका आज का दिन आपके अच्छे विचारों अच्छी दिनचर्या एवं अच्छे प्रयासों से प्रभावित होगा। अच्छे प्रयासों और कर्मनिष्ठ दिनचर्या से नकारात्मक ग्रह भी अच्छे परिणाम देने लगते हैं इसलिए राशिफल को आधार बनाकर आज का दिन मत व्यतीत कीजिए*
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
*शाकेन रोगा वर्ध्दते पयसो वर्ध्दते तनुः ।*
*घृतेन वर्ध्दते वीर्यं मांसान्मासं प्रवर्ध्दते ।।*
।। चा o नी o।।
*शाक से रोग, दूध से शरीर, घी से वीर्य और मांस से मांस की वृध्दि होती है।*
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: ज्ञानकर्मसन्यास योग अo-04
*गतसङ्गस्य मुक्तस्य ज्ञानावस्थितचेतसः ।*,
*यज्ञायाचरतः कर्म समग्रं प्रविलीयते ॥*,
*जिसकी आसक्ति सर्वथा नष्ट हो गई है, जो देहाभिमान और ममता से रहित हो गया है, जिसका चित्त निरन्तर परमात्मा के ज्ञान में स्थित रहता है- ऐसा केवल यज्ञसम्पादन के लिए कर्म करने वाले मनुष्य के सम्पूर्ण कर्म भलीभाँति विलीन हो जाते हैं॥,23॥*,
*💮🚩 नाम राशि और जन्म की राशि कहां कहां* —
*देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।*
*नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।*
*विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।*
*जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।*
🌺 *मिथिला एवं पंचांग के अनुसार निम्न पंचांग* —
*(यहां काशी पंचांग के अनुसार सबकुछ है इसके तिथि और नक्षत्र आदि के समय में नौ मिनट जोड़ देने से मिथिला का पंचांग हो जाता है)*
🙏श्री शुभ संवत् २०८२
🕉️ श्री शक संवत् १९४७
🌺 *काशी पंचांग में सूर्योदय* —
०६::३७
🙏 सूर्यास्त –०५::२३
🕉️ अग्रहण मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि चौबीस घंटे तक
🌺 नक्षत्र – चित्रा नक्षत्र कल सूर्योदय से पहले –०५::४६ मिनट तक इसके बाद स्वाती नक्षत्र
🙏 योग – प्रीति योग दिन में —०९::३१ मिनट तक इसके बाद आयुष्मान योग
🕉️ *आज का राहुकाल दिन में*
०७::२२ मिनट से ०८::४५ मिनट
🙏 *आज जिनका जन्मदिन है उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं* 🙏 *हैप्पी बर्थ डे। जन्मदिन के पवित्र अवसर पर आप सरसों तेल या घी के पांच दीये जलाइये जिससे कि आपके जीवन में भी सफलता सुख समृद्धि का प्रकाश जगमाता रहे और भगवान से अपने और अपने परिवार के लिए मंगलकारी जीवन की कामना कीजिए मोमबत्ती या दीया बुझाइए नहीं। दूसरी बात कि आप अपनी आयु मत बताइए आयु की संख्या के अनुसार मोमबत्ती या फिर दीये मत जलाइये इससे आपकी आयु क्षीण होती है सुख समृद्धि में कमी आती है लोगों की बुरी नजर लग जाती है भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और मिलकर ग्रहण करें*🙏🙏
🕉️ *आज आपका दिन मंगलमय हो आपको सफलता मिले आप सपरिवार हंसते मुस्कुराते हुए रहिये 👏🙏 और अपने परिवार को तनावमुक्त रखिये 🙏 *योग प्राणायाम कुछ हल्के व्यायाम कीजिए संतुलित आहार लीजिए 🙏 और नशा अहंकार को छोड़ कर जीवन का वास्तविक आनंद लीजिए।
नीचे दिए गए पंचांग गुजरात राजस्थान महाराष्ट्र उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश कश्मीर पंजाब हरियाणा दिल्ली आदि क्षेत्रों में अधिक उपयुक्त —
*दिनांक :𝀈*
*_17/11/2025, सोमवार_*
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष,
मार्गशीर्ष
*∝∝∝∝∝∝∝∝∝•⊰⧱⊱•∝∝∝∝∝∝∝∝∝∝*
(समाप्ति काल)
तिथि———त्रयोदशी अहोरात्र तक
पक्ष—————————कृष्ण
नक्षत्र————–चित्रा 29:00:44
योग—————-प्रीति 07:21:53
करण——‐‐——–गर 17:58:00
वार————————-सोमवार
माह————————मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि———-कन्या 15:34:08
चन्द्र राशि–‐‐——————-तुला
सूर्य राशि——-‐————-वृश्चिक
रितु—————————-हेमंत
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर—————–‐–विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर————–सिद्धार्थी
विक्रम संवत——————2082
गुजराती संवत—————-2082
शक संवत——————–1947
कलि संवत——————-5126
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वृन्दावन
सूर्योदय—————–06:42:50
सूर्यास्त——————17:25:17
दिन काल————– 10:42:26
रात्री काल————– 13:18:20
चंद्रास्त—————– 15:31:08
चंद्रोदय—————– 28:52:09
लग्न —- वृश्चिक 0°43′ , 210°43′
सूर्य नक्षत्र—————– विशाखा
चन्द्र नक्षत्र——————–चित्रा
नक्षत्र पाया——————- रजत
*💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩💮 शुभा$शुभ मुहूर्त 💮🚩*
राहू काल 08:03 – 09:23 अशुभ
यम घंटा 10:44 – 12:04 अशुभ
गुली काल 13:24 – 14:45 अशुभ
अभिजित 11:43 – 12:25 शुभ
दूर मुहूर्त 12:25 – 13:08 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:34 – 15:17 अशुभ
वर्ज्यम 11:06 – 12:53. अशुभ
प्रदोष 17:25 – 20:08 शुभ
*🚩💮 पद, चरण 💮🚩*
पे—- चित्रा 08:51:44
पो—- चित्रा 15:34:08
रा—- चित्रा 22:17:09
री—- चित्रा 29:00:44
*🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
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सूर्य= वृश्चिक 00°49 , विशाखा 4 तो
चन्द्र= कन्या 25°30 , चित्रा 1 पे
बुध = वृश्चिक 08°52 ‘ अनुराधा 2 नी
शु क्र= तुला 18°05, स्वाति , 4 ता
मंगल= वृश्चिक 14°30 ‘ अनुराधा 4 ने
गुरु= कर्क 00°30 पुनर्वसु, 4 ही
शनि=मीन 01°08 ‘ पूo भा o , 4 दी
राहू=(व) कुम्भ 20°25 पू o भा o, 1 से
केतु= (व) सिंह 20°25 पूoफा o 3 टी
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💮चोघडिया, दिन
अमृत 06:43 – 08:03 शुभ
काल 08:03 09:23 अशुभ
शुभ 09:23 10:44 शुभ
रोग 10:44 – 12:04 अशुभ
उद्वेग 12:04 – 13:24 अशुभ
चर 13:24 14:45 शुभ
लाभ 14:45-16:05 शुभ
अमृत 16:05 – 17:25 शुभ
🚩चोघडिया, रात
चर 17:25 – 19:05 शुभ
रोग 19:05 – 20:45 अशुभ
काल 20:45 – 22:25 अशुभ
लाभ 22:25 – 24:04* शुभ
उद्वेग 24:04* – 25:44* अशुभ
शुभ 25:44* – 27:24* शुभ
अमृत 27:24* – 29:04* शुभ
चर 29:04*- 30:44* शुभ
*नोट :-* दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
*चर-*
* चर में वाहन, मशीन आदि कार्य करें।
*उद्वेग-*
* उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें।
*शुभ-*
* शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें
*लाभ-*
* लाभ में व्यापार करें
*रोग-*
* रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें।
*काल-*
* में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है।
*अमृत-*
* में सभी शुभ कार्य करें।
💮होरा, दिन
चन्द्र 06:43 -07:36
शनि 07:36- 08:30
बृहस्पति 08:30- 09:23
मंगल 09:23- 10:17
सूर्य 10:17- 11:11
शुक्र 11:11- 12:04
बुध 12:04- 12:58
चन्द्र 12:58- 13:51
शनि 13:51- 14:45
बृहस्पति 14:45- 15:38
मंगल 15:38- 16:32
सूर्य 16:32 -17:25
🚩होरा, रात
शुक्र 17:25- 18:32
बुध 18:32 -19:38
चन्द्र 19:38 -20:45
शनि 20:45- 21:51
बृहस्पति 21:51- 22:58
मंगल 22:58- 24:04
सूर्य 24:04-25:11
शुक्र 25:1126:18
बुध 26:18-27:24
चन्द्र 27:24-28:31
शनि 28:31-29:37
बृहस्पति 29:37-30:44
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
तुला > 04:26 से 06:38 तक
वृश्चिक > 06:38 से 09:58 तक
धनु > 09:58 से 11:06 तक
मकर > 11:06 से 12:38 तक
कुम्भ > 12:38 से 14:12 तक
मीन > 14:12 से 15:48 तक
मेष > 15:48 से 17:18 तक
वृषभ > 17:18 से 19:12 तक
मिथुन > 19:12 से 21:40 तक
कर्क > 21:40 से 23:48 तक
सिंह > 23:48 से 01:58 तक
कन्या > 01:58 से 04:28 तक
=======================
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
15 + 13 + 2 + 1 = 31 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
केतु ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
28 + 28 + 5 = 61 ÷ 7 = 5 शेष
ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
*🚩💮 विशेष जानकारी 💮🚩*
*सोम प्रदोष व्रत
*🚩💮 शुभ विचार 💮🚩*
रंक करोति राजानं राजानं रंकमेवच ।
धनिनं निर्धनं चैव निर्धनं धनिनं विधिः ।।
।।चाo नीo।।
वह क्या है जो कवी कल्पना में नहीं आ सकता. वह कौनसी बात है जिसे करने में औरत सक्षम नहीं है. ऐसी कौनसी बकवास है जो दारू पिया हुआ आदमी नहीं करता. ऐसा क्या है जो कौवा नहीं खाता.
*🚩💮 सुभाषितानि 💮🚩*
गीता -: सांख्ययोग – अo-2
या निशा सर्वभूतानां तस्यां जागर्ति संयमी।
यस्यां जाग्रति भूतानि सा निशा पश्यतो मुनेः॥
सम्पूर्ण प्राणियों के लिए जो रात्रि के समान है, उस नित्य ज्ञानस्वरूप परमानन्द की प्राप्ति में स्थितप्रज्ञ योगी जागता है और जिस नाशवान सांसारिक सुख की प्राप्ति में सब प्राणी जागते हैं, परमात्मा के तत्व को जानने वाले मुनि के लिए वह रात्रि के समान है
॥69॥
*🚩💮 दैनिक राशिफल 💮🚩*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
यात्रा व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। सम्मान व कीर्ति में वृद्धि होगी। व्यापार में नए प्रस्तावों से लाभ मिलने के योग हैं। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। कानूनी मामलों में लापरवाही न करें।
🐂वृष
स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक जिम्मेदारी का पूर्ण ध्यान रखें। रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल प्राप्त होगा। व्यापार में उन्नति होगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कानूनी विवादों का निपटारा होगा।
👫मिथुन
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार लाभप्रद रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। विवाद समाप्त होने से शांति एवं सुख बढ़ेगा। व्यापार अच्छा चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सोच-समझकर व्यय करें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें।
🦀कर्क
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रेम-प्रसंग में सफलता मिलेगी। कानूनी बाधा दूर होगी। प्रसन्नता रहेगी। परोपकारी स्वभाव होने से दूसरों की मदद कर पाएँगे। काम के प्रति लापरवाही न करें। प्रयत्न एवं दूरदर्शिता से सहयोग व समर्थन मिलेगा। लाभ होगा।
🐅सिंह
प्रसन्नता रहेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता आएगी। प्रयास व सहयोग से अनुकूलता आएगी। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। पिता से मतभेद हो सकते हैं।
🙎♀️कन्या
प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। पुरानी लेनदारी वसूल होगी। यात्रा सफल रहेगी। व्यवहार-कुशलता से समस्या का समाधान संभव है। व्यापारिक निर्णय लेने में देरी नहीं करना चाहिए। लाभ होगा।
⚖️तुला
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भौतिक विकास के कार्यों को बल मिलेगा। फालतू खर्च होगा। भागीदारी के प्रस्ताव आएँगे। दिनचर्या नियमित रहेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। रिश्तेदारों से भेंट हो सकेगी। दूसरों की आलोचना, निंदा से दूर रहें।
🦂वृश्चिक
नई योजनाओं का सूत्रपात होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यावसायिक समस्याओं का हल आपके माध्यम से हो सकेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों पर अतिविश्वास न करें। दूसरों से व्यर्थ में न उलझें।
🏹धनु
प्रसन्नता रहेगी। स्वाभिमान रहेगा। अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। आय-व्यय में असंतुलन की स्थिति बन सकती है। प्रमाद न करें। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। वैवाहिक अड़चनें समाप्त होंगी। विरोधी परास्त होंगे।
🐊मकर
प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश, यात्रा व नौकरी लाभ देंगे। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। इच्छित काम पूर्ण हो सकेंगे। मेहनत का फल मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। स्वास्थ्य की समस्या सुलझेगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी।
🍯कुंभ
मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। संतान पर अनावश्यक रोक न लगाएँ। धन लाभ होने की भी संभावना है। बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दौड़धूप अधिक होगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। सामाजिक कार्यों में सीमित रहें।
🐟मीन
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नए प्रस्ताव प्राप्त होंगे। सुखद यात्रा के योग हैं। रचनात्मक काम होंगे। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। आलस्य को त्यागें। अपने कार्यों को समय पर करने से सफलता प्राप्त हो सकती है।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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9430336503
