सिद्धू-कान्हू महापुरुष का प्रतिमा स्थापित नहीं करने दिया गया, आदिवासी समाज के लोगों ने किया दुख प्रकट
✍️रिपोर्ट: निजाम खान
जामताड़ा: आज एक सनसनीखेज खबर निकल कर के सामने आई है।खबर जामताड़ा जिला अंतर्गत कुंडहित प्रखंड क्षेत्र के मुड़ाबेड़िया पंचायत अंतर्गत नवीनपाड़ा गांव से संबंधित है। बताते चलें नवीनपाड़ा के लोगों का कहना है कि वह लोग फुटबॉल मैदान के सामने सिद्धू- कान्हू महापुरुष का प्रतिमा स्थापित करना चाहते हैं ।लेकिन बगल के गांव पाटजोर के लोग प्रतिमा स्थापित करने नहीं दे रहे हैं। कहा कि पाटजोर के प्रधान मोतीलाल मुर्मू सिद्धू-कान्हू का प्रतिमा स्थापित करने का खुलेआम विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि दोनों गांव के लोग अपना- अपना जगह बता रहे हैं। आदिवासी संघर्ष मोर्चा के जिला कमेटी के मेंबर सोमलाल मिर्धा ने कहा कि सिद्धू-कान्हू महापुरुष का प्रतिमा स्थापित नहीं होने से पूरा आदिवासी समाज दुखी है। कहा कि हम लोग प्रतिमा स्थापित कर उनके बताए हुए मार्ग पर चलते हुए उनको हमेशा याद में रखने के लिए यह पहल किया गया था। इसके लिए दोनों गांव के लोगों के बीच समझौता करने की कोशिश की गई। लेकिन किसी भी हाल में बात नहीं बनी । बताते चलें दोनों गांव के लोगों में समझौता के पूर्व काफी बहसा-बहसी हुई।ऐसे में सिद्धू-कान्हू का प्रतिमा स्थापित नहीं होने से क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है ।लोगों का कहना है कि सिद्धू-कान्हू देश को आजाद करने में अपना बहुत बड़ा योगदान दिए हैं। अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए हैं ।आज वहीं महापुरुष का प्रतिमा स्थापित नहीं होने दे रहे हैं जिससे आदिवासी समाज पूरा दुखी है।

