विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला पर्यावरण समिति एवं जिला वन प्रमंडल, जामताड़ा के सौजन्य से विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन
वन प्रमंडल कार्यालय से पर्वत विहार पार्क तक निकाली गई साइकिल रैली
आज दिनांक 05.06.2023 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला पर्यावरण समिति एवं जिला वन प्रमंडल, जामताड़ा के सौजन्य से विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री बनकर अजिंक्य देवीदास के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए साइकिल रैली निकाली गई। जो वन प्रमंडल कार्यालय से शुरू होकर अंबेडकर चौक, सुभाष चौक, वीर कुंवर सिंह चौक, इंदिरा चौक, बस स्टैंड आदि रास्तों से होते हुए पर्वत विहार पार्क, जामताड़ा में जाकर सभा में परिणत हो गया।
पर्वत विहार पार्क में आयोजित कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रंजीत कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री बनकर अजिंक्य देवीदास सहित अन्य गणमान्य के द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया।
*प्रत्येक दिन को पर्यावरण दिवस के रूप में मनाएं*
मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है, अपनी इस धरा को हरा भरा बनाने एवं धरती को बचाना के लिए पौधा रोपण के महत्व को बताया साथ ही शपथ भी दिलाया। उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे के महत्व को अगर आज नही समझा गया तो आने वाले सालों में और अत्यधिक गर्मी, पानी की कमी, अनियंत्रित मौसम आदि का भयंकर दुष्परिणाम सभी को झेलना होगा। उन्होंने कहा कि इसे सिर्फ एक दिवस के रूप में मनाने के बजाए हरेक दिन को पर्यावरण दिवस के रूप में समझें।
वहीं विश्व पर्यावरण दिवस पर अलग-अलग स्लोगन धरा को हरा बनाना है, धरती को बचाना है। मानव व पर्यावरण एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। इसलिए हमें वृक्षों की कटाई को रोकना होगा और अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने होंगे। ऐसे स्लोगन के माध्यम से जागरूकता का प्रसार किया गया।
इस उपलक्ष्य में पर्यावरण जागरूकता के साथ साथ उपस्थित लोगों के बीच विभिन्न प्रकार के पौधे भी प्रदान किए गए और उन्हें शपथ दिलाई गई कि वह जल दोहन नहीं करेंगे। पौधे लगाएंगे और पर्यावरण को बचाने में अपना पूरा योगदान देंगे।
*वृक्ष पुत्र के समान, पौधा जरूर लगाएं*
वहीं वन प्रमंडल पदाधिकारी ने इस दौरान मिशन लाइफ के बारे में विस्तार से बताया। इसका महत्व ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ से है, यानी ऐसी जीवनशैली को अपनाना और बढ़ावा देना, जो पर्यावरण को नुकसान ना पहुंचाए।
आज के इस तकनीक और विज्ञान के युग में पर्यावरण का अत्यधिक दोहन होने के कारण जलवायु भी अनियमित होकर अत्यधिक गर्मी, अल्पवृष्टि का सामना करना पड़ रहा है जो की बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर छोटे कदमों एवं उपायों को लागू करके जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है। उन्होंने अपील किया कि अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु अनुकूल जीवन शैली अपनाएं।
आगे कहा कि मिशन लाइफ के तहत सततशील जीवनशैली से संबंधित 75 कदमों को 7 श्रेणियों के तहत सूचीबद्ध किया गया है। जिनमे ऊर्जा की बचत, पानी की बचत, एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक का कम उपयोग, टिकाऊ खाद्य प्रणाली, अपशिष्ट में कमी, स्वस्थ जीवन शैली अपनाना और ई-कचरा प्रबंधन शामिल हैं। मिशन लाइफ एक अभियान के रूप में इन पर्यावरणीय क़दमों के अनुरूप रोजाना स्वस्थ जीवनशैली की तरफ बदलाव को प्रेरित करेगी।
इस मौके पर उपरोक्त के अलावा जिला स्तरीय पदाधिकारियों सहित पर्यावरण प्रेमी सहित अन्य उपस्थित रहे।

