विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज समाहरणालय स्थित एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा श्री शशि भूषण मेहरा (भा०प्र०से०), पुलिस अधीक्षक श्री मनोज स्वर्गियारी (भा०पु०से०) एवं अन्य वरीय पदाधिकारी के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया शुभारंभ
विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत आदिवासी छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से कला एवं संस्कृति का किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों को विश्व आदिवासी दिवस की दी शुभकामनाएं, बोले उपायुक्त – अपनी संस्कृति पर गौरव करें आदिवासी समाज, आप लोग प्रकृति के करीबी एवं रक्षक हैं
पुलिस अधीक्षक बोले – हम खुद भी असम के एक आदिवासी समाज से आते हैं, हमें अपनी संस्कृति पर गर्व होनी चाहिए; उन्होंने उपस्थिति बालिकाओं से कहा कि अच्छी शिक्षा प्राप्त करें एवं पढ़ाई करके महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करें
कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए सेल्फी प्वाइंट रहा आकर्षण का केंद्र
आज दिनांक 09.08.2023 को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाहरणालय स्थित एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा श्री शशि भूषण मेहरा (भा०प्र०से०), पुलिस अधीक्षक श्री मनोज स्वर्गियारी (भा०पु०से०), उप विकास आयुक्त श्री अनिलसन लकड़ा एवं अन्य वरीय पदाधिकारी के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
इससे पूर्व उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त सहित सभी वरीय पदाधिकारी को बालिकाओं के द्वारा पौधा एवं पारंपरिक परिधान अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
*केवल आदिवासियों के लिए नहीं, पूरे देश के लिए ये दिवस अहम है। जिला के समस्त आम-जन प्रकृति का संरक्षण एवं उपज करने की दिशा में अपना अहम कर्तव्य निभाएं – उपायुक्त*
मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री शशि भूषण मेहरा (भा०प्र०से०) ने सर्वप्रथम सभी को शुभकामनाएं दीं। 1982 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने आदिवासियों के भले के लिए एक कार्यदल गठित किया था जिसकी बैठक 9 अगस्त 1982 को हुई थी। उसी के बाद से संयुक्त राष्ट्र संघ ने अपने सदस्य देशों में प्रतिवर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने की घोषणा की।
आदिवासी समाज के लोगों का सबसे अच्छा गुण है समानता, भाईचारा, महिलाओं को बराबरी का स्थान जो इन्हें विशेष स्थान प्रदान करता है। इनका प्रकृति के प्रति लगाव, किसी भी खुशी के मौके पर पारंपरिक परिधानों में नृत्य एवं गायन से एक अलग पहचान बनाए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि केवल आदिवासियों के लिए नहीं, पूरे देश के लिए ये दिवस अहम है। जिला के समस्त आम-जन प्रकृति का संरक्षण एवं उपज करने की दिशा में अपना अहम कर्तव्य निभाएं। प्रकृति से हीं मनुष्य का जीवन है। एक ओर जहां संस्कृति और परंपराओं के संवाहक आदिवासी समाज ने सांस्कृतिक धरोहर को बचाए रखने में अहम भूमिका अदा की है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का जलवा दिख रही है।
उपायुक्त ने आगे कहा कि आदिवासी समाज से ऐसे कई महापुरुष हुए जिन्होंने समाज के भलाई के लिए अंग्रेजों से अत्याचार के खिलाए डटकर सामना किया, अपनी कुर्बानी दी उन सभी को अपने दिलों में संजोए रखें।
उन्होंने आगे कहा कि झारखंड सरकार के द्वारा आदिवासियों के सम्मान में 02 दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव 2023 का आयोजन रांची में किया जा रहा है, जिसमें समृद्ध आदिवासी जीवन की झलकियां विभिन्न कला संस्कृतियों आदि की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जो वास्तव में अनूठा आयोजन है। उन्होंने बताया कि आदिवासियों के समाज के साथ मुख्यधारा में लाने हेतु उन्हें मूलभूत सुविधाएं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ पेयजल जैसे विभिन्न जरूरी विषयों पर सरकार सजग है। कई योजनाएं चलाई जा रही है, जिसका सीधा लाभ उन्हें मिल रहा है। उन्होंने अपील किया कि समाज में सर्वांगीण विकास तभी हो सकता है जब समुचित विकास सभी स्वस्थ हो, शिक्षित हों आर्थिक रूप से सक्षम हों समुचित विकास हो। उन्होंने कहा कि आप सभी प्रकृति के बेहद करीब, प्रकृति के रक्षक एवं संवर्धक हैं, अपनी संस्कृति पर गर्व करें और इसे संजोए रखें।
*आदिवासी समाज की गरिमा को अक्षुण्ण रखें – पुलिस अधीक्षक*
वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मनोज स्वर्गियारी (भा०पु०से०) ने कहा कि हम भी असम के एक आदिवासी समाज से आते हैं। हमें गर्व है कि हमारे समाज में खाने-पीने से लेकर पहनने ओढ़ने सहित सभी चीजों का एक समृद्ध जीवन शैली है, जो अपने आप में अनूठी है। हमारे समाज में महिलाओं का समान दर्जा प्राप्त है, यही समान दृष्टिकोण सभी समाज में होनी चाहिए। वहीं उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप लोग एजुकेशन को फोकस करें। खूब मन से पढ़ाई करें और महत्वपूर्ण पदों आईएएस आईपीएस पीसीएस जैसे परीक्षाओं को पास कर देश की सेवा करें। वहीं आगे कहा कि हम लोग शारीरिक रूप से बिल्कुल फिट होते हैं। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में हमारे समाज के विभिन्न खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा चुके हैं। आप लोग भी पढ़ाई के साथ साथ खेल में अपनी रुचि को बढ़ाएं और आगे बढ़ें देश दुनिया में अपनी पहचान स्थापित करें। पुलिस अधीक्षक ने आगे कहा कि आदिवासी समाज की गरिमा को अक्षुण्ण रखें। साथ ही शुभकामनाएं दी और बोले कि प्रकृति के सबसे करीब रहनेवाले आदिवासी समुदाय ने कई क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाई है। संसाधनों के अभाव में भी इस समुदाय के लोगों ने अपनी एक खास पहचान बनाई है। गीत- संगीत-नृत्य से हमेशा ही आदिवासी समुदाय का एक गहरा लगाव होता है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है। हम प्रकृति को देते हैं इसका गौरव फील करते हैं। प्रकृति के जीवन अनुरूप ही जीवन यापन करते हैं।
*विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रदर्शन से छात्राओं ने सबके मन को मोहा*
आयोजित कार्यक्रम में जिले के आश्रम विद्यालय झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय सहित अन्य विद्यालयों से अध्ययनरत छात्रों में आदिवासी पारंपरिक परिधान में अपनी कला और संस्कृति का नृत्य गायन एवं अभिनय के जरिए आदिवासी समाज के समृद्ध जीवन शैली शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान छात्राओं ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवनी पर शानदार अभिनय से सबके मन को मोहा।
इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान जेएसएलपीएस सहित अन्य विभागों के द्वारा स्टॉल भी लगाया गया। वहीं कार्यक्रम के दौरान विश्व आदिवासी दिवस पर लगाया गया सेल्फी प्वाइंट आकर्षण का केंद्रबिंदु बना रहा।
*इनकी रही उपस्थिति*
इस मौके पर उपरोक्त के अलावा उप विकास आयुक्त श्री अनिलसन लकड़ा, अनुमंडल पदाधिकारी श्री संजय पांडेय, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अजय तिर्की, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री प्रधान मांझी,जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री गोपाल कृष्ण झा, जिला योजना पदाधिकारी श्री पंकज कुमार तिवारी,जिला शिक्षा अधीक्षक श्री दीपक राम,जिला कल्याण पदाधिकारी श्री उत्तम कुमार भगत,जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमति नीता चौहान, अंचल अधिकारी श्री मनोज कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी, कर्मी एवं छात्र छ्त्राएं आदि उपस्थित थे।

