वन विभाग द्वारा किए गए पौधारोपण में लापरवाही, सैकड़ों पौधा गायब
देवलाई चौक से टांगर साईं तक सैकड़ो पौधे गायब
2023-24 में वन विभाग द्वारा लगाए गए थे हजारों पौधे गेबियन समेत पौधे गायब
जो भी पौधे खराब हुए हैं या सुख गए हैं ऐसे पौधे का होगा रिप्लेसमेंट : डीएफओ
वन विभाग की लापरवाही के कारण सैकड़ो पौधे सूख गए विभाग में लिखित कार्रवाई की मांग करूंगा : भागीरथी हंसदा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका : वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग जमशेदपुर वन प्रमंडल के अंतर्गत राखा माइन्स वन प्रमंडल द्वारा टांगरसई से देवली चौक तक सड़क के दोनों तरफ सड़क किनारे किनारे पीवीसी जाली गेबियन वृक्षारोपण 2023 – 24 किया गया था। जिसमें 2000 से ज्यादा पौधों का पौधारोपण वन विभाग द्वारा किया गया,मगर पौधारोपण में घोर लापरवाही वन विभाग द्वारा बरती गई जिसके कारण सैकड़ो पौधा समय से पूर्व ही एक तो सूख गए यां जानवर खा गए दूसरी ओर 6 से 8 महीने में प्लास्टिक का जालीं सड़ जाने के कारण पशुओं के लिए पौधा आहार बन गया कहीं ना कहीं इस लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखी जा रही है वहीं कांग्रेस के किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष आनंद दास एवं जेएलकेएम के पूर्व प्रत्याशी भागीरथी हांसदा ने कहा कि सरकार की काफी अच्छी योजना है। मगर इसमें वन विभाग द्वारा घोर लापरवाही बरती गई है। साथ ही साथ भागीरथी हांसदा ने कहा कि वन विभाग की लापरवाही की गई जिसके कारण आज सैकड़ो पौधा पेड़ बनने से पहले सूख गए यह घोर लापरवाही का मामला है वहीं उन्होंने कहा कि मैं बहुत जल्द इस पर विभाग लिखित देते हुए कार्रवाई की मांग करूंगा साथ ही साथ अभिषेक सरदार एवं आनंद दास ने कहा कि जल्द से जल्द बांस के बने गेबियन से पौधारोपण किया जाए ताकि अच्छी तरीके से इनका देखभाल हो वन विभाग द्वारा किसी तरह का देखभाल नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण पौधा लगाने के कुछ ही समय बाद पौधे सूख जाते हैं या पशुओं के शिकार हो जा रहे हैं वही इस पर तत्काल जितने पौधे सूख चुके हैं या जानवर खा चुके हैं उन जगहों में जल्द से जल्द पौधारोपण की मांग की गई है वही सरकार की लाखों रुपए की योजना में घपले बाजी को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है लोगों का कहना है कि दूसरों को सीख देने वाला वन विभाग को सिख की जरूरत है।
डीएफओ सबा आलम अंसारी ने कहा कि जितने भी पौधे सूख गए हैं या गेबियन टूट गया है। उन सारे पौधों को फिर से पौधारोपण कर नया गेबियन लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक का गेबियन लगाने का विभागीय आदेश है। जिसके कारण प्लास्टिक की जाली लगाई गई है ।

