विस्तारित मन से ही प्राकृतिक संरक्षण संभव है
राष्ट्र संवाद संवादाता
आनंद मार्ग विश्व प्राकृतिक संरक्षण दिवस पर गदरा मध्य विद्यालय में 300 फलदार एवं पुष्पदार पौधे का का वितरण किया
सृष्टि का उन्नत जीव मनुष्य ही स्वार्थ के कारण सृष्टि के विनाश का कारण बन रहा है
बृहद मन से ही प्राकृतिक को संरक्षित किया जा सकता है
दूषित मन के मनुष्य ही पर्यावरण को दूषित कर रहे है
जमशेदपुर:
आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल एवं प्रीवेंशन आफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स एंड प्लांट्स (PCAP)जमशेदपुर की ओर से विश्व प्राकृतिक संरक्षण दिवस पर गदरा मध्य विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच 300 फलदार एवं फूल वाले पौधे का वितरण किया गया।
आनंद मार्ग के सुनील आनंद ने विद्यार्थियों के बीच कहा है कि पर्यावरण की समस्या मनुष्य के द्वारा पैदा किया हुआ समस्या है।सृष्टि के उन्नत जीव मनुष्य के द्वारा निर्मित समस्या इसका समाधान भी मनुष्य को ही निकलना होगा । सृष्टि के मनुष्य स्वार्थी हो गए हैं अपने स्वार्थ के कारण पर्यावरण की समस्या पैदा किए ।मनुष्य के मन पर तमोगुण के प्रभाव के कारण ,मनुष्य इस समस्या के जाल में फस गया है । मन को निर्मल कर हे मनुष्य इस समस्या से निजात पा सकता है। यह समस्या केवल पेड़ लगाने तक ही नहीं ।पर्यावरण प्रदूषण को दूर करने के लिए मन के प्रदूषण को भी दूर करना होगा । मनुष्य के द्वारा ही पर्यावरण प्रदूषण हुआ है और इसका समाधान भी मनुष्य ही करेगा पहले मन प्रदूषित होता है मन पर तमोगुण का प्रभाव प्रबल रहता है उसके बाद ही प्राकृतिक को प्रदूषित करने के बारे में मनुष्य सोचता है इसलिए मन को भी निर्मल करना होगा मन को भी वृहद करना होगा । जब तक हम पेड़ पौधों एवं जीव ,जंतु को अपने परिवार का सदस्य के रूप में स्वीकार नहीं किया करेंगे तब तक प्रकृति का कल्याण संभव नहीं है ,इसलिए नव्य -मानवतावादी विचारधारा से समाज का कल्याण संभव है ,नव्य मानवतावाद बताता है कि इस पृथ्वी पर मनुष्य ही नहीं अनेक प्रकार के पेड़ ,पौधे जीव जंतु इस पृथ्वी रूपी परिवार के सदस्य हैं ,हम इस पृथ्वी के बुद्धिमान जीव होने के नाते हमारा कर्तव्य बनता है कि सभी को परिवार सदस्य के रूप में स्वीकार किया जाए , मनुष्य का परम आदर्श नव्य- मानवतावाद होना चाहिए तभी पृथ्वी का कल्याण संभव है।
पृथ्वी पर ऑक्सीजन की मात्रा को संतुलित रखने के लिए आनंद मार्ग की ओर से बांटे जा रहे हैं हर तरह के पौधे
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आनंद मार्ग स्कूल के प्रधानाध्यापक सीताराम जी, झूरी जमुदा,तनिष्क देव,तापस देव तथा स्कूल के बच्चों एवं शिक्षकों ने सहयोग किया

