‘पॉलीमर : कल, आज और कल’ विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित, स्मार्ट पॉलीमर को बताया भविष्य की जरूरत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर रसायनशास्त्र विभाग एवं डॉ प्रभात दास फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “पॉलीमर : कल, आज और कल” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन विश्वविद्यालय रसायनशास्त्र विभाग सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार चौधरी ने की।
सेमिनार में मुख्य वक्ता एमआर महिला कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. विवेकानंद झा ने पॉलीमर के इतिहास, उपयोग और भविष्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पॉलीमर के बिना आधुनिक जीवन की कल्पना संभव नहीं है, लेकिन आने वाले समय में स्मार्ट और बायोडिग्रेडेबल पॉलीमर मानव जीवन को और बेहतर बनाएंगे। उन्होंने बताया कि स्मार्ट पॉलीमर पर्यावरण के लिए कम हानिकारक होंगे और इनके क्षेत्र में रोजगार की भी व्यापक संभावनाएं हैं।
विशिष्ट वक्ता डॉ. आर.एन. चौरसिया ने कहा कि पॉलीमर ने मानव जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग से पर्यावरणीय समस्याएं भी बढ़ी हैं। उन्होंने पॉलीमर से बनी वस्तुओं के उद्योग, चिकित्सा, परिवहन और घरेलू उपयोग में बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
फाउंडेशन के सचिव मुकेश कुमार झा ने कहा कि भविष्य में पॉलीमर वेस्टेज से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में भी बड़े शोध हो रहे हैं। वहीं, अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. दिलीप कुमार चौधरी ने कहा कि पॉलीमर आज विज्ञान, उद्योग, चिकित्सा और निर्माण क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
कार्यक्रम में 80 से अधिक शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। अतिथियों का स्वागत पुष्प पौधों से किया गया। संचालन डॉ. अभिषेक राय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सोनू राम शंकर ने किया।

