Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » खेतों में सरसों की फुल, मकर संक्रांति की करा रहे हैं एहसास
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड

    खेतों में सरसों की फुल, मकर संक्रांति की करा रहे हैं एहसास

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 28, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    खेतों में सरसों की फुल, मकर संक्रांति की करा रहे हैं एहसास

    बहरागोड़ा। मकर संक्रांति का नाम सुनते ही मन काफी प्रफुल्लित हो जाता है।व्यक्ति के मन मस्तष्कि में पीले पीले फूल दिखने लगते है। खेतों में सरसों के पीले फूल देखकर मन में मादकता का एहसास होने लगता है। खेतों में पीली धरती को देखकर किसान फुले नहीं समा रहे है। सीवान पीले फूल से दुल्हन की तरह दिख रही है।

     

    किसानो की पारंपरिक खेती में धान व गेंहू शामिल है। लेकिन खाद्य तेलों की कीमतों के आसमान छूने से नरवन व महाइच के किसान सरसों की खेती में अपना रुचि दिखा रहे है। किसान सरसों, तीसी के साथ अरहर व चना की खेती कर रहे है। प्रखण्ड के स्वर्णरेखा नदी से सठे कुछ गाँव मधुआबेड़ा गुहियापाल, चड़कमारा,डिंगाशाई,,गोहालडीहि, बामडोल,महुलडांगरी, जेनाडीह के किसानों के खेतों में सरसों की फसल लहलहा रही है।

     

     

    पीले रंग से सजे खेतों को देखकर किसानों का दिल खुशी से झूम रहा है। सरसों के पीले फूल सीवान को मनमोहक बनाने में सहायक बन रहे है। खेतों में हल्की हवा बहते ही सरसो के फूल खुशी से झूमने लग जा रहे है। सरसों के पीले फूल के लहलहाने से मन मादकता का एहसास कर रहा है। पीले सरसों के फसल को देखकर मन पूरा प्रफुल्लित हो जा रहा है।

     

     

    किसानों ने बताया कि जाड़े के दिनों में फसल पर कीट पतंगों का हमला कम होता है। इससे सरसों व तीसी की बेहतर पैदावार होने की संभावना बढ़ जाती है। मौसम में समय समय पर परिवर्तन का सरसों की फसल पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। इससे किसानों को सरसों की खेती काफी फायदा देता है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleमहाकुम्भ में पहली बार ड्रोन शो में होगा पौराणिक कथा का प्रदर्शन
    Next Article कचड़े के अंबार से बजबजा रहा है पुरा मानगो !

    Related Posts

    आज का राशिफल जानें आपके सितारे क्या बोलते हैं

    July 10, 2026

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस एक क्लिक में जाने देश दुनिया की खबर

    Sponsor: सोना देवी यूनिवर्सिटीJuly 10, 2026

    सरकारी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर डीसी सख्त, सीएचसी गम्हरिया में खाली वार्ड देख जताई नाराजगी

    July 9, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    आज का राशिफल जानें आपके सितारे क्या बोलते हैं

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस एक क्लिक में जाने देश दुनिया की खबर

    Sponsor: सोना देवी यूनिवर्सिटीJuly 10, 2026

    भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत: चीन को पछाड़कर विश्व में छठा स्थान

    ज्ञान का प्रकाशस्तंभ: नालंदा विश्वविद्यालय का गौरवशाली और दुखद इतिहास

    सरकारी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर डीसी सख्त, सीएचसी गम्हरिया में खाली वार्ड देख जताई नाराजगी

    आदित्यपुर में SIR अभियान की रफ्तार बढ़ाने मैदान में उतरे उपायुक्त, बोले- अफवाहों से बचें, हर पात्र मतदाता का होगा सत्यापन

    कपाली में तेज रफ्तार ट्रेलर का कहर, बाइक सवार गंभीर रूप से घायल; पुलिस की तत्परता से बची जान

    टाटा पावर द्वारा डोमजुड़ी पंचायत को सीएसआर के तहत ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध

    जोड़ा-जेएसडब्ल्यू कंपनी के स्लरी पाइप योजना ने क्षेत्र के मुख्य सड़को को किया अवरूद्ध

    UCIL जादूगोड़ा की शर्मनाक लापरवाही: बिना नोटिस 10 होमगार्ड सड़क पर, “मेडिकल टेंर” के नाम पर 10 परिवारों की रोजी छीनी

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.