Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में आई गिरावट, प्रति लाख 2014-16 में 130 से घटकर 2018-20 में 97 जीवित प्रसव : डॉ. मनसुख मांडविया
    Headlines राष्ट्रीय

    मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में आई गिरावट, प्रति लाख 2014-16 में 130 से घटकर 2018-20 में 97 जीवित प्रसव : डॉ. मनसुख मांडविया

    Bishan PapolaBy Bishan PapolaNovember 30, 2022No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली। देश में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस उपलब्धि पर देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को प्रभावी ढंग से कम करने में उल्लेखनीय प्रगति की प्रशंसा की और एक ट्वीट संदेश में कहा-
    मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में महत्वपूर्ण गिरावट आई, प्रति लाख 2014-16 में 130 से घटकर 2018-20 में 97 जीवित प्रसव हो रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण मातृ और प्रसव देखभाल सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य नीतियों व पहल ने एमएमआर को नीचे लाने में जबरदस्त तरीके से सहायता की है।

    भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) द्वारा एमएमआर पर जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, भारत में मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) में 6 अंकों का शानदार सुधार हुआ है और अब यह प्रति लाख/97 जीवित प्रसव पर है। मातृ मृत्यु दर(एमएमआर) को प्रति 100,000 जीवित प्रसव पर एक निश्चित समय अवधि के दौरान मातृ मृत्यु की संख्या के रूप में परिभाषित किया गया है।
    नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देश ने एमएमआर में प्रगतिशील तरीके से कमी देखी है। यह 2014-2016 में 130, 2015-17 में 122, 2016-18 में 113, 2017-19 में 103 और 2018-20 में 97 रहा है।
    भारत ने 100/लाख से कम जीवित प्रसव के एमएमआर के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (एनएचपी) लक्ष्य को हासिल कर लिया है और 2030 तक 70/लाख जीवित प्रसव से कम एमएमआर के एसडीजी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सही रास्ते पर है।
    सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) लक्ष्य हासिल करने वाले राज्यों की संख्या के संदर्भ में हुई उत्कृष्ट प्रगति के बाद यह अब केरल (19) के साथ छह से बढ़कर आठ हो गई है, इसके बाद महाराष्ट्र (33), तेलंगाना (43), आंध्र प्रदेश (45), तमिलनाडु (54), झारखंड (56), गुजरात (57) और अंत में कर्नाटक (69) का स्थान है।
    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत, वर्ष 2014 से भारत ने सुलभ गुणवत्ता वाली मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और रोकथाम योग्य मातृ मृत्यु अनुपात को कम करने के लिए एक ठोस प्रयास किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने विशेष रूप से निर्दिष्ट एमएमआर लक्ष्यों को पूरा करने हेतु मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के प्रावधान को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निवेश किया है। “जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम” और “जननी सुरक्षा योजना” जैसी सरकारी योजनाओं को संशोधित किया गया है और इन्हें सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) जैसी अधिक सुनिश्चित एवं सम्मानजनक सेवा वितरण योजनाओं में अपग्रेड किया गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले गर्भधारण की पहचान करने और उनके उचित प्रबंधन को सुविधाजनक बनाने पर केंद्रित है। रोकी जा सकने वाली मृत्यु दर को कम करने पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। लक्ष्य और मिडवाइफरी पहल सभी गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव कराने का विकल्प सुनिश्चित करते हुए एक सम्मानजनक तथा गरिमापूर्ण तरीके से गुणवत्तापूर्ण देखभाल को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
    एमएमआर दर को सफलतापूर्वक कम करने में भारत के उत्कृष्ट प्रयास वर्ष 2030 के निर्धारित समय से पहले 70 से कम एमएमआर के एसडीजी लक्ष्य को प्राप्त करने और सम्मानजनक मातृ देखभाल प्रदान करने वाले राष्ट्र के रूप में माने जाने पर एक आशावादी दृष्टिकोण उपलब्ध कराते हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसाइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिये मजबूत तंत्र बने
    Next Article गरीबों के साथ दलाली बर्दाश्त नहीं :विकास सिंह

    Related Posts

    धनबाद में पुलिस का लक्ष्यदक्षता अभियान शुरू, 2,586 जवान देंगे निशानेबाजी की परीक्षा

    June 20, 2026

    चाईबासा में वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 7 बाइक बरामद; 3 गिरफ्तार, 3 किशोर निरुद्ध

    June 20, 2026

    गुमला के पालकोट में दर्दनाक हादसा, बारातियों से भरी गाड़ी पेड़ से टकराई; दो की मौत, तीन घायल

    June 20, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    धनबाद में पुलिस का लक्ष्यदक्षता अभियान शुरू, 2,586 जवान देंगे निशानेबाजी की परीक्षा

    चाईबासा में वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 7 बाइक बरामद; 3 गिरफ्तार, 3 किशोर निरुद्ध

    गुमला के पालकोट में दर्दनाक हादसा, बारातियों से भरी गाड़ी पेड़ से टकराई; दो की मौत, तीन घायल

    चतरा में आधी रात पुलिस-अपराधी मुठभेड़; फिरौती के लिए अपहृत 6 ग्रामीण सकुशल मुक्त, हथियारों के साथ 5 शातिर गिरफ्तार

    गिरिडीह के बेलाटांड़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया।

    पलामू जमीन विवाद में ठेकेदार और कारोबारी को मारी गोली, भतीजे पर लगा आरोप |

    बैंक ऑफ़ इंडिया बादम शाखा की पहल: मृतक मजदूर की पत्नी को मिला ₹2 लाख का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा लाभ

    जमशेदपुर में नीट परीक्षा की तैयारी पूरी, 8 केंद्रों पर 21 जून को शामिल होंगे करीब 4 हजार परीक्षार्थी

    विश्व योग दिवस की पूर्व संध्या पर गोपबंधु विद्यापीठ में विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित

    सरायकेला: बामणी नदी में अज्ञात महिला का खून से लथपथ शव, हत्या की आशंका

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.