सारंडा में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता, 15 नक्सली ढेर, शीर्ष माओवादी अनल उर्फ पतिराम मांझी मारा गया
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चाईबासा।पुलिस महानिदेशक, झारखंड एवं महानिदेशक, सीआरपीएफ के संयुक्त नेतृत्व में चाईबासा के सारंडा जंगली क्षेत्र में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। किरीबुरू थाना अंतर्गत विशेष अभियान ‘मेधाबुरू’ के तहत संयुक्त बलों द्वारा शीर्ष माओवादी अनल उर्फ पतिराम मांझी के सशस्त्र दस्ते को निर्णायक शिकस्त दी गई है।
आज सुबह लगभग 6:30 बजे से 209 कोबरा, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ एवं जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम और माओवादियों के बीच कई चरणों में मुठभेड़ हुई। माओवादियों की ओर से अंधाधुंध फायरिंग की गई, जबकि सुरक्षा बलों ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान अब तक कुल 15 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद एवं दैनिक उपयोग की सामग्री भी जब्त की गई है।
प्रारंभिक जांच में 15 मृत नक्सलियों में से 11 की पहचान कर ली गई है, जिनमें झारखंड, ओडिशा एवं एनआईए द्वारा इनामी घोषित शीर्ष माओवादी नेता अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है। अनल पर झारखंड में 1 करोड़, ओडिशा में 1 करोड़ 20 लाख तथा एनआईए द्वारा 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके अलावा अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिंटु लोहरा, लालजीत उर्फ लालु समेत कई एरिया व रीजनल कमांडर भी मारे गए हैं।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2022 से अब तक कोल्हान के सारंडा क्षेत्र में माओवादियों द्वारा किए गए विस्फोटों और हिंसक घटनाओं में अनल उर्फ पतिराम मांझी के दस्ते की प्रमुख भूमिका रही है। उसके मारे जाने से माओवादी संगठन को भारी झटका लगा है और उनकी कमर टूट गई है।
झारखंड पुलिस ने शेष बचे उग्रवादियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें और झारखंड सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति” का लाभ उठाएं।
फिलहाल क्षेत्र में सर्च अभियान जारी है। अभियान की समाप्ति के बाद अग्रतर कार्रवाई एवं विस्तृत जानकारी अलग से जारी की जाएगी।

