रिपोर्ट – अमन ओझा (ब्यूरो चीफ कोल्हान)
आदित्यपुर: औद्योगिक क्षेत्र के कृष्णापुर स्थित एक निजी कंपनी में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कार्य के दौरान एक घरेलू गैस सिलेंडर में अचानक आग भड़क उठी। आग की तेज लपटें उठते ही कंपनी परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
बचाव के नाम पर बड़ी लापरवाही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। घबराहट में जलते हुए सिलेंडर को कंपनी परिसर से बाहर निकालकर मुख्य सड़क पर फेंक दिया गया। व्यस्त सड़क पर धधकते सिलेंडर को देखकर राहगीरों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। कुछ देर के लिए सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
संभावित विस्फोट की आशंका के बीच स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाई और भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से एक बड़ी अनहोनी टल गई। यदि आग फैल जाती तो औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अन्य इकाइयां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं और बड़ा हादसा हो सकता था।
अवैध उपयोग पर उठे सवाल
नियमों के अनुसार किसी भी औद्योगिक संस्थान या फैक्ट्री में 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग करना पूरी तरह प्रतिबंधित और गैरकानूनी है। इसके बावजूद संबंधित कंपनी में कमर्शियल कार्यों के लिए घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नियमों की अनदेखी करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मजदूरों और आम जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।
घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

