श्रम कार्यालय पर मजदूरों के साथ अन्याय का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से श्रमिकों में नाराजगी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के श्रम कार्यालय पर मजदूरों के साथ घोर अन्याय और शिकायतों को दबाने का गंभीर आरोप लगा है। गोलमुरी निवासी मजदूर मनोज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री एवं श्रम विभाग के सचिव को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि जिला श्रम कार्यालय में संवेदकों और उनके दलालों के प्रभाव में मजदूरों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जिला श्रम पदाधिकारियों को श्रम न्यायाधीश की शक्ति प्रदान की गई है ताकि मजदूरों को त्वरित न्याय मिल सके, लेकिन जमशेदपुर श्रम कार्यालय में श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी संचिका को संवेदक के दलालों द्वारा मोटी रकम लेकर दबा दिया गया, जिसके कारण वर्ष 2024 से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मनोज कुमार सिंह ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में जनवरी 2020 से कार्यरत थे और 31 अगस्त 2024 को बिना किसी स्पष्ट कारण के काम से हटा दिया गया। इसके बाद बकाया राशि भुगतान नहीं होने पर उन्होंने 24 दिसंबर 2024 को श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम कार्यालय के कुछ कर्मियों और अधिकारियों की मिलीभगत से मजदूरों के मामलों को लंबित रखा जाता है, जिससे श्रमिकों का आर्थिक शोषण हो रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध जांच कर कड़ी कार्रवाई करने तथा बकाया भुगतान दिलाने की मांग की है।

