अंकिता के चिता ठंडा भी नही हुआ की काजल पर तेजाब हमला ने झकझोर दिया है :आजसू
राज्य के पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने दुमका कि अंकिता हत्याकांड पर सरकार को खूब खरी- खोटी सुनाई
आजसू जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि दुमका के अंकिता सिंह का आग ठंडा भी नही हुआ कि तबतक चतरा की बेटी काजल पर हुई तेजाब कांड ने राज्य के प्रसाशनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया ,
आखिर हेमन्त सरकार सिर्फ सिटी बजाने और सरकार गिराने, बचाने की कवायद में मशगूल रहेगी आखिर कबतक इस राज्य की जनता अपने आप को औसुरक्षित और ठगा महसूस करती रहेगी । अंकिता तो जंग हार गई लेकिन काजल को बचाने का प्रयास होना चाहिए ,पीड़िता की माँ ने बेटी को बचाने की गुहार लगाई है
लेकिन राज्य के मंन्त्री और मुख्यमंत्री खाना पूर्ति कर रहे है और बेहतर इलाज के नाम पर एक और बेटी की हत्या होने का इंतजार कर रही है।
अप्पू तिवारी ने समय से पहले बेहतर इलाज हो और पुलिसिया तंत्र के साथ साथ स्वास्थ्य ब्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता है
अगर ऐसा करने में सरकार सक्षम नही है जो इस राज्य के बहन बेटियों की पुख्ता सुरक्षा व्यबस्था सुदृढ नही कर सकते है तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे राष्ट्रपति शासन लगाने की पहल करनी चाहिये ।
राज्य के पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने दुमका कि अंकिता हत्याकांड पर सरकार को खूब खरी- खोटी सुनाई है. उन्होंने कहा एक तरफ राज्य की बेटी जिंदगी और मौत से तड़प रही थी, दूसरी तरफ सरकार सत्ता बचाने के लिए पिकनिक पर गई हुई थी. पूर्व मंत्री ने अंकिता हत्याकांड पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिन्दू की बेटी को जिंदा जलाकर मुस्लिम समुदाय के युवक ने मार डाला और मोमबत्ती गैंग चुप बैठे रहे. चोर तबरेज हत्याकांड पर आंसू बहानेवाले आज चुप बैठे हैं. यदि किसी मुस्लिम बेटी के साथ इस तरह की घटना होती तो मामला दुमका, रांची होते हुए सीधे यूरोप तक पहुंच जाती. उन्होंने कहा मुस्लिम समुदाय का युवक जो चोरी के आरोप में मॉब लिंचिंग का शिकार हुआ उसके लिए न केवल राज्य, बल्कि देश के सदन तक बहस हुई, विदेशो में भी हाय- तौबा मचाया गया, झारखंड को मोमबत्ती गनिंग वालों ने बदनाम किया, वो भी एक चोर के लिए, अब जब एक मुस्लिम युवक ने हिन्दू बच्ची को जिंदा जलाकर मार दिया, तब मोमबत्ती गैंग चुप बैठी है आखिर क्यों. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर तंज कसते हुए कहा कि अब वे ट्वीट कर इंसाफ मांगते नही नजर आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें तुष्टिकरण की राजनीति करनी है, यदि उनका वश चले तो देश को गजवा- ए- हिन्द बना डालेंगे. उन्होंने राज्य में अस्थिरता के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा मुख्यमंत्री ने अपनी गलती से सरकार को फंसा दिया है, इसमें विपक्ष की कोई भूमिका नहीं है. विपक्ष अपना काम कर रही है. विपक्ष का काम ही सवाल उठना है, जरूरत पड़ी तो कोर्ट तक जाएंगे. पूर्व मंत्री निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने सोमवार को जमशेदपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के क्रम में उक्त बातें कहीं.