पुलिस प्रशासन द्वारा किये गये अमानवीय कृत्यों के विरोध में 7 दिसंबर को रायपुर में क्षत्रिय और सर्वसमाज के लोग होंगे एकत्रित
राष्ट्र संवाद ब्यूरो कमाल अहमद
भिलाई:- क्षत्रिय करणी सेना के संंस्थापक एवं राष्टीय अध्यक्ष तथा पूर्व फौजी डॉ. राज शेखावत ने कहा कि करणी सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व बीएसएफ जवान डॉ. राज शेखावत ने आयोजित पत्रवार्ता में कहा कि यहां तोमर परिवार के साथ घटना हुई और जो मानवअधिकार का हनन हुआ। पुलिस कस्टडी में पुलिस अधिकारी द्वारा बहु और बेटियों की इज्जत को तार-तार किया गया। उन दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित करवाने एवं फरीयाद दर्ज करवाने को लेकर क्षत्रिय एवं सर्वसमाज द्वारा पीडित परिवार द्वारा उनकी अध्यखता में महापंचायत का आयोजन किया गया। समस्त क्षत्रिय और सर्वसमाज द्वारा क्षत्रिय स्वाभिमान एवं नारी अस्मिता महापंचायत का कार्यक्रम रायपुर में 7 दिसंबर को दोपहर एक बजे आयेाजितहोने जा रहा है। इस आयोजन में पूरे भारत से लाखों की संख्या में आक्रोशित क्षत्रिय एवं सर्व समाज के लोग आयेंगे। स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम यहां तोमर बंधुओं के पैरवी के लिए कतई नही आए है। लेकिन े सरकार और प्रशासन आम जनता को ऐसा बताकर भ्रमित कर रही है। गुजरात से चलकर आया हूं कि इस प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के साथ अन्याय न हो और पुलिस की ये जो तानाशाही है तानाशाही का अंत आये। इसी उद्देश्य को लेकर छात्र धर्म का निर्वहन करने हम लोग यहां आये है।
उन्होंने आगे कहा किशासन प्रशासन संविधान के दायरे में रहकर कोई भी कार्यवाही करे हमें किसी भी प्रकार की कोई आपत्ति नही है। लेकिन माताओं बहनों के साथ छेडखानी, उनके मान सम्मान एवंअस्मिता को करणीेसेना का कोई भी कार्यकर्ता बर्दाश्त नही करेगा। चूंकि सत्ता में भाजपा की सरकार में बैठे हुए जनप्रतिनिधि और स्वयंप्रदेश के मुख्यमंत्री जिनकों मैं राजा और महाराजाओं की संज्ञा देता हूं। जनता अपना सुख दुख यदि इनसे नही कहेगी तो किसके पास जायेगी। करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह तोमर एउवं उनके परिवार पर हुए अमानवीय अत्याचार एवं महिलाओं के साथ हुई अश्लीलता के मामले में उच्च स्तरीय कार्यवाही के लिए हमने सुप्र्रीम कोर्ट दिल्ली, हाईकोर्ट छग, राष्ट्रीय महिलाआयोग, अध्यक्ष मानव अधिकार आयोग, छग के राज्यपाल, छग के मुख्यमंत्री, छग के डीजीपी अरूण देव गौतम, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष
के साथ ही मानव अध्णिकारी आयोग छग को ज्ञापन सौंपा है। श्री शेखावत ने स्पष्ट तौर पर कहा कि तोमर बंधुओं की मैं पैरवी करने नहीआया हूं। संविधान के दायरे में यदि वह गलत है तो माननीय न्यायालय उन्हें सजा दे। पुलिस जो सरे राह अध्द्ध नग्र अवस्थ्काा में मे जुलूस निकाल रही है और प्यास लगने पर पानी मांग रहा है, उसे पानी भी नसीब नही करा पा रहे है, इसके साथ ही ऐसा अमानवीय कृतय की तोमर बंधुओं को बेहोश होकर गिर जाने पर उनको जूता से मारकर उठाया गया जो सोशल मीडिया में भी जमकर वायरल हुआ। छग की सरकार यहां की भोली भालि की जनता को इस मामले में दिग्भ्रमित कर रही है। इस तरीके से पुलिस की कार्यवाही का मैं विरोध करता हूं। यदि तोमर बंधु सूदखोर है, तो उसका लायसेंस भी सरकार में बैठे नोकरशाहों द्वारा ही प्रदाय कियागया है। सरकारमें बैठे पुलिस विभाग के नौकरशाह किसी भी पीडित आवेदनकर्ता से जो आवेदन ले रहे है, एफआईआर दर्ज करने से पहले उसकी निश्पक्षता से जांच कर ले कि इतना पैसा लेने और देने वालों के पास कहां से आया और वह व्यक्ति आयकर और जीएसटी के दायरे में है कि नही है। पुलिस बिना जांच किये एफआईआर पर एफआईआर दर्ज कर रही है। आज उन्हेानें राजपूत क्षत्रिय समाज द्वारा 8 मांगों का जवाब भी मांगा है जिसमें टीआई योगेश कश्यप सेतत्काल निलंबितकरे व उसपर अपराधिक मामला दर्ज करे। उन्होंने रोहित तोमरकी पत्नी भावना तोमर के साथ पुलिस कस्टडी में अश्लील हरकत की। सीएसपी राजेश देवांगनको निलंबित कर उस पर भी एफआईटार दर्ज करे। रायपुर के एसएसपी लालउमेंद सिंह के द्वारा मानसिक व शारीरिक उत्पीडन एवं कस्टोडियल एक्सेस प्रशासनिक लापरवाही जो हुई है, उन्हें भी पदमुक्त किया जाये। विरेन्द्र सिंह तोमर के साथ मारपीटी सार्वजनिक स्थान पर करना, रोड पर घसीटना, बीच सडक पर उनके शरीर पर जूता रखकर राजपूतसमाज का अपमान करने वाले पुलिस कर्मियों कोनिलंबित करउनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज किया जाये। क्षत्रिय करणी सेना के पदाधिकारियों पर दर्ज झूठे प्रकरणों को निरस्त किया जाये। क्षत्रिय करणी सेना के संस्थापन व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज श्ेाखावत जो एक्स बीएसएफ पर हुई एफआईआर को निरस्त की जाये। दर्ज मामलों की जांच स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच टीम एसआईटी का गठन कर किया जाये। तोमन परिवार पर हुए आर्थिक एवं मानसिक नुकसान पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करेंगे। उसकी भरपाई संबंधित अधिकारियों से की जाये।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे द्वारा आयोजित आगामी 7 दिसंबर का आंदोलन शांतिप्रिय होगा। पुलिस किसी भी प्रकार से पूरेदेश भर सेआये क्षत्रियों को डराने, धमकाने एवं बल प्रयोग का काम ना करें यदि ऐसा होगा तो करणी सेना एवं उससे जुडा हर व्यक्ति अपनी सुरक्षा करेगा और उसके तुरंत बाद जगह जगह चक्काजाम करेंगा और सांसदों, मंत्रियों व विधायकों के निवास का घेराव करने से भी नही चुकेगा। इस दौरान करणी सेना की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष, करणी सेना के छग के युवा नेता अभिषेक सिंह, मानवेन्द्र सिंह मंगल, युवा नेता सुमित सिंह सहित बडी संख्या में लोग उपस्थित थे।

