भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह बोरियो विधानसभा के पूर्व विधायक ताला मरांडी ने कहा कि बोरियों के झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रम के द्वारा हेमंत सरकार के खिलाफ की जा रही बायांबाजी का खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है। कहा कि पथ निर्माण विभाग भी मुख्यमंत्री के जिम्मे है, ऐसे में इस क्षेत्र में सड़क निर्माण नहीं होने के पीछे स्थानीय विधायक की राजनीति हैं ।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक झामुमो का, सांसद झामुमो का और राज्य का मुखिया झामुमो का फिर भी विकास के मामले में बोरियो विधानसभा का क्षेत्र पूरे राज्य में सबसे फिसड्डी है। क्षेत्रीय झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रम और क्षेत्रीय झामुमो सांसद विजय हांसदा क्षेत्र की जर्जर हो चुकी सड़कों को लेकर प्रमुखता से मुख्यमंत्री के समक्ष जो बातें नही उठाते हैं । यही कारण है कि विधानसभा क्षेत्र की सड़कें जर्जरता का शिकार है। सड़क, बिजली और पानी को लेकर क्षेत्र की जनता त्राहिमाम है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व विधायक ताला मरांडी सिमडा -बोआरीजोर- मिर्जाचौकी सड़क निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले जिले के बोरियो विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत -बोआरीजोर चौक पर स्थानीय ग्रामीणों के साथ बीते 25 अप्रैल से लगातार अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं। धरना के माध्यम से जर्जर हो चुके सिमडा -बोआरीजोर- मिर्जाचौकी और बोआरीजोर – ललमटिया सड़क को अभिलंब दुरुस्त कराने की मांग की है।
ग्रामीण बताते हैं कि पिछले 3 साल से इन सड़कों का हाल बेहाल है। स्कूल आने -जाने के क्रम में कई छात्र-छात्राओं की जान जा चुकी हैं। दुर्घटना में कई लोगों के हाथ- पैर टूट चुके हैं। क्षेत्र की जनता को काफी समय से सड़कों को दुरुस्त कराने का आश्वासन तो दिया जा रहा है, लेकिन इसको अमलीजामा पहनाने में लगातार कोताही बरती जा रही है।
वैसे तो 20 सितंबर 2022 को इस सड़क निर्माण को लेकर प्रखंड कार्यालय के समीप शिला पट तक लगाया जा चुका है। उक्त शिला पट के अनुसार तकरीबन 87 करोड़ की लागत से इस सड़क का निर्माण होने की बात कही गई थी। जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री ऑनलाइन किए थे।
लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ । लाचार होकर वे लोग सड़क निर्माण की मांग को लेकर बीते 25 अप्रैल से लगातार धरना पर बैठे हुए हैं।
10दिन बीत जाने के बाद भी अबतक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इनकी सुध लेने तक नहीं पहुंचे

