
ज्ञानोदय विद्या मंदिर परिसर में छात्रों द्वारा कथित तौर पर नशीले पदार्थ का सेवन किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में कक्षा के भीतर एक छात्र के मोबाइल पर सफेद पदार्थ दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा छात्र उसे नाक से सूंघता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
यह घटना ठाणे के ज्ञानोदय विद्या मंदिर की बताई जा रही है जहां कक्षा के अंदर ही छात्रों द्वारा नशीले पदार्थ का सेवन किए जाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक छात्र अपने मोबाइल फोन पर सफेद रंग का पदार्थ रखता है और दूसरा छात्र उसे सूंघ रहा है। इस वीडियो के वायरल होते ही स्कूल प्रशासन से लेकर अभिभावकों तक में खलबली मच गई है।
नगरसेवक एकनाथ भोईर ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर शिवसेना नगरसेवक एकनाथ भोईर ने स्कूल प्रशासन से जवाब मांगते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि स्कूल परिसर में नशीला पदार्थ कैसे पहुंचा और इसके पीछे किसी सप्लाई नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
पुलिस ने शुरू की जांच
ठाणे पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वर्तकनगर पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे छात्रों की पहचान की जांच कर रही है। आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल सुरक्षा और नशीले पदार्थों की सप्लाई पर सवाल
घटना ने स्कूल परिसर की सुरक्षा, छात्रों की निगरानी और नशीले पदार्थों की संभावित सप्लाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल छात्रों पर कार्रवाई के बजाय नशीले पदार्थ उपलब्ध कराने वाले स्रोत और पूरे नेटवर्क की जांच जरूरी है। जांच के परिणाम और पुलिस की कार्रवाई पर अब अभिभावकों की नजर है।
स्कूलों में नशीले पदार्थों की रोकथाम के उपाय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल परिसर में नशीले पदार्थों की पहुंच को रोकने के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाने की आवश्यकता है। इसमें सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, औचक निरीक्षण, और छात्रों के बैग की जांच शामिल हो सकती है। इसके अलावा, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद स्थापित करना भी जरूरी है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय पर पता लगाया जा सके। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने भी स्कूलों को नशा मुक्त परिसर सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
अभिभावकों की चिंता और मांग
घटना के बाद अभिभावकों में भय का माहौल है। कई अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से मिलकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है। एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हम अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजते हैं, न कि ऐसे माहौल में जहां नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध हों। स्कूल को जिम्मेदारी लेनी होगी।” स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि स्कूल के आसपास के इलाकों में नशीले पदार्थ बेचने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की रणनीति
वर्तकनगर पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया कि वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि उसकी प्रमाणिकता स्थापित हो सके। साथ ही, वीडियो में दिख रहे छात्रों की काउंसलिंग की व्यवस्था भी की जा रही है। पुलिस उन स्रोतों का पता लगाने का प्रयास कर रही है जहां से छात्रों को नशीला पदार्थ मिला। इस संबंध में महाराष्ट्र पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई है।
निष्कर्ष
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि नशीले पदार्थों का जाल अब स्कूलों तक पहुंच चुका है। केवल कानूनी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि सामाजिक जागरूकता, पारिवारिक निगरानी और स्कूली पाठ्यक्रम में नशा विरोधी शिक्षा को शामिल करने की सख्त जरूरत है। उम्मीद है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को सजा मिलेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

