जमुई ,शादी की शहनाई से पहले पसरा मातम: भतीजी की डोली उठने से पहले चाची की मौत, दादपुर में खूनी हमले के बाद सड़क पर फूटा गुस्सा
राष्ट्र संवाद संवादाता
जिस घर में महज दो दिन बाद बेटी की शादी की शहनाई गूंजनी थी, वहां सोमवार की सुबह चीख-पुकार और मातम का माहौल था। झाझा थाना क्षेत्र के दादपुर गांव में रविवार रात हुए खूनी हमले में गंभीर रूप से घायल बेबी देवी की इलाज के लिए पटना ले जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने शव को एनएच-333 पर दादपुर के समीप रखकर सड़क जाम कर दिया और हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करने लगे।
रविवार रात करीब नौ बजे दर्जनभर हथियारबंद लोगों ने दिनेश यादव के घर पर धावा बोल दिया। परिजनों के अनुसार हमलावरों ने पहले घर की बिजली बंद की, फिर तलवार, टांगी समेत अन्य हथियारों से परिवार के सदस्यों पर बेरहमी से हमला कर दिया। घटना में सुहागा देवी, काजल कुमारी, कोमल कुमारी, सुबोध कुमार, उमेश कुमार यादव और बेबी देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झाझा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पांच घायलों को सदर अस्पताल जमुई रेफर किया गया। हालत गंभीर होने पर सभी को पीएमसीएच पटना भेजा गया, लेकिन रास्ते में बेबी देवी ने दम तोड़ दिया।
घटना के समय घर के मुखिया दिनेश यादव अपनी बेटी काजल की एक जुलाई को होने वाली शादी की तैयारियों के लिए झाझा बाजार में खरीदारी करने गए थे। परिजनों ने बताया कि घर में शादी की तैयारियां अंतिम दौर में थीं, लेकिन एक ही रात में खुशियां मातम में बदल गईं।
घायल उमेश यादव और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि दिनेश यादव के बड़े भाई वासुदेव यादव, जो पांच दिन पहले गांव आए थे, ने रात में घर का दरवाजा खोलकर हमलावरों को अंदर प्रवेश कराया। उनका आरोप है कि इसके बाद हथियारबंद लोगों ने पूरे परिवार पर हमला कर दिया। परिजनों का यह भी दावा है कि हमलावर गांव में पहले से एक ग्रामीण के घर ठहरे हुए थे।
घायल काजल कुमारी ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान दो से तीन राउंड फायरिंग भी की गई, जिसमें एक गोली उसकी मां सुहागा देवी के पैर में लगी। उसने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर मोबाइल फोन छीनकर घर मे बक्से में रखे शादी के लिए रखे जेवरात भी लूट ले गए। शोर-शराबा और गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर बाइक से फरार हो चुके थे।
परिजनों ने वासुदेव यादव, सुभाष यादव और मनोज यादव को पहचान लेने का दावा किया है। उनका कहना है कि घर की जमीन के बंटवारे को लेकर पहले से विवाद चल रहा था और उसी रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलने पर रात्रि में झाझा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। एसआई दीपक कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायलों और परिजनों से जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से सभी आरोपित फरार मिले हैं
इधर सोमवार सुबह बेबी देवी की मौत के बाद दादपुर में माहौल और तनावपूर्ण हो गया। सड़क जाम के दौरान परिजनों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। जिस आंगन से 1 जुलाई को काजल की डोली उठनी थी, वहां अब मातम पसरा है और पूरा गांव इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।

