“जमशेदपुर की स्वच्छता यात्रा: नेतृत्व, समर्पण और टीम भावना की मिसाल”
देवानंद सिंह
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत घोषित स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के नतीजों ने एक बार फिर जमशेदपुर को राष्ट्रीय फलक पर गौरव दिलाया है। देश में तीसरा स्थान, 5 स्टार रेटिंग, और वॉटर प्लस जैसी प्रतिष्ठित मान्यताएं इस बात का प्रमाण हैं कि यह औद्योगिक शहर केवल उत्पादन में ही नहीं, स्वच्छता और नागरिक व्यवस्था में भी देश का मार्गदर्शन कर रहा है।
झारखंड में लगातार पाँचवीं बार पहला स्थान प्राप्त करना केवल आकड़ों की बात नहीं, यह वर्षों की मेहनत, स्पष्ट नेतृत्व और जनसहभागिता की जीत है। यह उपलब्धि बताती है कि जब इच्छा शक्ति, प्रशासनिक दक्षता और ज़मीनी क्रियान्वयन एक साथ चलते हैं, तो असंभव भी संभव बन सकता है।

इस गौरवशाली उपलब्धि के केंद्र में एक विशेष नाम उभरकर आता है—नगर निगम के अपर आयुक्त श्री कृष्ण कुमार जब उन्होंने दूसरी पारी के रूप में कार्यभार संभाला, तब उन्होंने केवल एक प्रशासक की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि इच्छाशक्ति, समर्पण और टीम भावना के समायोजन से एक मिशन मोड में काम किया।
उनका नेतृत्व केवल योजनाओं को कागज़ पर लागू करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने प्रत्येक पहल पर निगरानी रखते हुए सफाईकर्मियों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक समान प्रेरणा का संचार किया। घर-घर कचरा उठाव, डंपिंग यार्ड प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त मुहिम, ओडीएफ+ और वॉटर प्लस की दिशा में उनका ठोस और संगठित प्रयास, पूरे शहर की कार्यशैली में बदलाव लेकर आया।

श्री कृष्ण कुमार ने यह सिद्ध कर दिया कि सशक्त नेतृत्व सिर्फ नीतियाँ बनाने में नहीं, बल्कि टीम के हर सदस्य को अपना सर्वोत्तम देने के लिए प्रेरित करने में निहित है। उन्होंने अपने कार्य से यह साबित किया कि प्रशासनिक पद का सही उपयोग किस प्रकार एक पूरे शहर को बदल सकता है।
उनकी यह उपलब्धि केवल जमशेदपुर के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के लिए भी एक प्रेरणा है। यह केवल एक शहर की नहीं, पूरे राज्य की जीत है। और यह जीत इसलिए और भी खास है क्योंकि इसके पीछे एक ऐसा नेतृत्व खड़ा है जो दिखता नहीं, लेकिन हर दिशा में असर करता है।

कृष्ण कुमार सिर्फ एक अधिकारी नहीं, इस परिवर्तन यात्रा के शिल्पकार हैं।
उनका योगदान उन्हें सिर्फ बड़ा नहीं, बल्कि यादगार बनाता है।


