*एडीएल सोसायटी के महासचिव पर भ्रष्टाचार का आरोप*
ए डी एल सोसाइटी के कोअध्यक्ष श्री पी सिमहदरी राव ने एक पत्रकार सम्मेलन कर संस्था के सभी सदस्यों को या अवगत कराया कि संस्था के महासचिव मजी रवि कुमार द्वारा संविधान का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है। जिन्हें सोसाइटी के चेयरमैन पी सवया राव अपना समर्थन भी दे रहे हैं। भ्रष्टाचार में लिफ्ट एम रवि कुमार ने हद कर दी है,वर्तमान समय में पी सिमदरी ने रवि कुमार को बहुत सारी वित्तीय गड़बड़ी करते हुए पकड़ा और सवाल भी किया है कि आपके द्वारा असंवैधानिक तरीके से संस्था का संचालन किया जा रहा है।क्योंकि कार्यकाल पिछले 28.5.2020 को ही समाप्त हो चुका है.संविधान के अनुसार हमें चुनाव में जाना चाहिए क्योंकि हमें संविधान का सम्मान करते हुए नियमों का पालन करते हुए चुनाव में जाना चाहिए.उन्हें यह बात अच्छी नहीं लगी और उनका कहना है कि इसके अलावा 3 वर्षों तक चुनाव नहीं करेंगे। महासचिव और चेयरमैन ने हाँल निर्माण के दौरान मिट्टी खोदने के नाम पर भी 8,6,9000 रुपए का फर्जी बिल बनाकर दिया है और यह बिल पास कराने के दबाव बनाने लगे हैं।जिसमें संस्था के कई लोग को भी रुपए देने का लालच देखकर हस्ताक्षर करवाया। परंतु मेरे द्वारा इसकी पूरी तरह से जांच करने पर फर्जी बिल सामने आए हैं और जिस पर कोषाध्यक्ष ने 18.2.2021 को माहसचिव को एक पत्र भी जारी किया है।
मैंने यह रकम पास नहीं किया जिससे वह पूरी तरह मुझ पर अपनी नाराजगी जताते हुए चेयरमैन पी सत्य राव के साथ मिलकर मुझे संस्था से हटाने की धमकी दे रहे हैं।
मैंने इस तरह महासचिव और उनके साथ कुछ भ्रष्टाचारी पदाधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं और मेरे पास प्रत्येक गड़बड़ी के पूरे पुख्ता सबूत भी है और मैं यह भी दावा करता हूं कि मेरे द्वारा लगाए गए सारे आरोप गलत साबित हुए तो मैं इस्तीफा दूंगा और यही आरोप सही साबित हुए तो वह इस्तीफा दे।परंतु संस्था की छवि को धूमिल ना करें.
सहायक सचिव ए नागेश्वर ने कहा कि महासचिव द्वारा तानाशाही किया जा रहा है। संविधान के अनुसार प्रत्येक वर्ष एजीएम होना चाहिए था. मगर आज तक इसकी 3 वर्षों में एजीएम नहीं करवाया है और कई तरह की वित्तीय गड़बड़ी की है।जिसे छुपाना अब संभव नहीं है .अध्यक्ष वाई ईश्वर राव ने महासचिव और चेयरमैन की मिलीभगत से संस्था में हो गई गड़बड़ियों के लिए का उनके द्वारा आजीवन सदस्यों के साथ इन दोनों ने धोखा किया।हमारे पूर्वजों द्वारा इतनी मेहनत बनाई भी संस्था की छवि धूमिल कर रहे हैं।

