अपने बच्चों को संस्कार युक्त करना माता-पिता का परम कर्तव्य – आदित्य पंडित महाराज
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका। पोटका प्रखंड अंतर्गत हरिना पंचायत के नारायणपुर गांव में चल रहे सात दिवसीय भागवत कथा यज्ञ के चतुर्थ दिवस के कथा में
वृंदावन से आए कथावाचक आदित्य पंडित महाराज ने अपने व्यास पीठ से गजेंद्र मोक्ष की कथा, भक्त राजा अंबरीश जी का चरित्र, समुद्र मंथन की कथा, राम के चरित्र की कथा, चंद्रवंश की कथा व भगवान श्री कृष्ण का आविर्भाव आदि विषयों पर चर्चा करते हुए भागवत प्रेमियों को मंत्र मुग्ध कर दिए। भगवान राम के चरित्र चित्रण में उन्होंने बताया कि श्री राम हमेशा धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलकर जीवन जिए। वनवास और रावण वध जैसे कठिन निर्णय भी उन्होंने अपने धर्म का पालन करते हुए लिए। भागवत राम एक आदर्श पुत्र,भाई,पति और राजा के रूप में पूजनीय है। जिन्होंने हमेशा सत्य और मर्यादा का पालन किया। इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहा जाता है।
मंगलवार को वृंदावन धाम के परम पूजनीय महाराज के पावन सानिध्य में मोक्षदायिनी व जीवन धन्य कर देने वाली पतितपावनी चतुर्थ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के अंत में प्रसाद का वितरण श्यामल मंडल ,सनातन मंडल ,विमल मंडल के द्वारा किया गया एवं कथा का संचालन संयुक्त रूप से आयोजक मंडली द्वारा किया गया।

