Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » विकास और हरित भविष्य की ओर अग्रसर भारतीय रेल: अश्विनी वैष्णव
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश ओड़िशा खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड पटना पश्चिम बंगाल बिहार मेहमान का पन्ना राजनीति राष्ट्रीय

    विकास और हरित भविष्य की ओर अग्रसर भारतीय रेल: अश्विनी वैष्णव

    News DeskBy News DeskJune 6, 2025No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    विकास और हरित भविष्य की ओर अग्रसर भारतीय रेल:
    अश्विनी वैष्णव

    जब भी आप सड़क या अन्य साधनों की जगह ट्रेन से यात्रा करते हैं, तो आप सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि एक स्वच्छ और हरित भारत को चुनते हैं। पिछले साल 700 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने भारतीय रेल से सफर किया। यह हमारी जीवनरेखा है और आने वाले कल के लिए एक हरित संकल्प भी।
    भारतीय रेल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पंचामृत लक्ष्य – 2070 तक शून्य उत्सर्जन (नेट ज़ीरो) – में अहम भूमिका निभा रही है। हम माल और यात्री परिवहन को सड़क से रेल की पर ले जा रहे हैं। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। इससे भारत की अर्थव्यवस्था को कार्बन मुक्त करने में मदद मिल रही है।
    सड़क से रेल की ओर
    2013-14 में भारतीय रेल ने लगभग 1,055 मिलियन टन माल की ढुलाई की। 2024-25 में यह बढ़कर 1,617 मिलियन टन हो गया है। इससे हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मालवाहक रेलवे बन गए हैं। सड़क की जगह रेल से माल ढुलाई करने से अब तक 143 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रोका गया है। यह 121 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
    रेल से माल ढुलाई, सड़क से सस्ती है। इससे पिछले 10 सालों में देश को 3.2 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। रेल, ट्रकों के मुकाबले 90% कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करती है। इससे हवा साफ रहती है। 2,857 करोड़ लीटर डीज़ल की भी बचत हुई है, जो कि लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की बचत के बराबर है।
    विद्युतीकरण से आत्मनिर्भरता
    भारत बहुत मात्रा में तेल आयात करता है। ऐसे में रेलवे का विद्युतीकरण सामरिक रूप से जरूरी है। 2014 से पहले 60 वर्षों में 21,000 किलोमीटर रेलवे लाइन ही विद्युतीकृत हुई थी। लेकिन पिछले 11 सालों में हमने 47,000 किलोमीटर रेल लाइन को विद्युतीकृत किया है। अब तक 99% ब्रॉड गेज नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है।
    रेलवे अब स्टेशनों, वर्कशॉप और ट्रेनों के लिए भी हरित ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहा है। हम राज्यों के साथ मिलकर ट्रेनों को हरित ऊर्जा से चलाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
    माल ढुलाई का नया मॉडल
    डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) भी पूरी तरह से विद्युतीकृत होते हैं। ये कॉरिडोर सिर्फ माल ढुलाई के लिए बनाए गए हैं। वर्तमान में 2,741 किलोमीटर के फ्रेट कॉरिडोर संचालित हैं। इससे सड़कों पर भीड़ घटी है, डीजल की खपत कम हुई है और कार्बन उत्सर्जन भी घटा है।
    भारत अब हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों को भी अपनाने जा रहा है। पहली ट्रेन हरियाणा में जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। यह दुनिया की सबसे लंबी और ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन होगी।
    अर्थव्यवस्था और पर्यावरण
    भारत ने दिखाया है कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ संभव हैं। 2023 के वर्ल्ड बैंक लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स में भारत का स्थान 139 देशों में 38वें पर रहा। 2014 की तुलना में यह 16 स्थान ऊपर है। रेलवे के विद्युतीकरण से प्रदूषण और लागत दोनों में कमी आयी है। साथ ही लोजिस्टिक्स की क्षमता और गति दोनों बढ़ी हैं।
    2030 तक नेट-शून्य उत्सर्जन
    प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे के लिए 2030 तक नेट ज़ीरो का लक्ष्य रखा है। तेज़ी से हो रहे विद्युतीकरण और सड़क से रेल की ओर शिफ्ट हो रहे यातायात से भारतीय रेल 2025 तक ही स्कोप 1 नेट ज़ीरो का लक्ष्य हासिल कर लेगी।
    इस विश्व पर्यावरण दिवस पर भारतीय रेल सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है। हर ट्रैक का विद्युतीकरण, हर सोलर पैनल और सड़क से हटाया गया हर कंटेनर, हमारे देश और पर्यावरण के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक कदम है।
    – लेखक भारत सरकार में केन्द्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री हैं।

    विकास और हरित भविष्य की ओर अग्रसर भारतीय रेल: अश्विनी वैष्णव
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleभारत को निर्णायक बनकर वैश्विक मंचों पर आगे बढ़ने की जरूरत
    Next Article विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो का पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक पहल

    Related Posts

    गरीबों और भूमिहीनों के हक के लिए जीवनभर संघर्ष करते रहे लाल झंडे के सिपाही नंदलाल पंडित

    September 16, 2026

    मोदी के सेवा समर्पण से जुड़े 13 सूत्री कार्यक्रम को लेकर एकदिवसीय कार्यशाला

    September 16, 2026

    तेघड़ा में सैलून में चाकू से ताबड़तोड़ हमला, हिमांशु गंभीर रूप से घायल

    September 16, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    गरीबों और भूमिहीनों के हक के लिए जीवनभर संघर्ष करते रहे लाल झंडे के सिपाही नंदलाल पंडित

    मोदी के सेवा समर्पण से जुड़े 13 सूत्री कार्यक्रम को लेकर एकदिवसीय कार्यशाला

    तेघड़ा में सैलून में चाकू से ताबड़तोड़ हमला, हिमांशु गंभीर रूप से घायल

    ओजोन परत की सुरक्षा से ही सुरक्षित रहेगा भविष्य

    बाढ़ राहत सामग्री वितरण में अनियमितता का आरोप, जांच की मांग

    जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने मिशन शक्ति योजना अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया

    निरसा में पुलिस मुठभेड़, निखार और नीरज सिंह हत्याकांड का आरोपी शूटर सागर घायल

    बखरी में गूंजा पत्रकार एकता का स्वर:सहरसा में पत्रकार से मारपीट के विरोध में निकाला गया कैंडल मार्च

    टाटा मोटर्स के विभिन्न डिवीजनों में श्रद्धा और उत्साह के साथ हुई विश्वकर्मा पूजा

    कल विश्वकर्मा पूजा, बाजारों में उमड़ी खरीदारों की भीड़

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.