Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » अज्ञानी करेंगे विभिन्न योगासन और नमाज की तुलना : कुलबिंदर क्या धर्माचार्य अर्चना को देवालय के गर्भ की परिक्रमा में
    Breaking News झारखंड

    अज्ञानी करेंगे विभिन्न योगासन और नमाज की तुलना : कुलबिंदर क्या धर्माचार्य अर्चना को देवालय के गर्भ की परिक्रमा में

    Begusarai SamvadBy Begusarai SamvadJune 25, 2024No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    जमशेदपुर: बारीडीह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एवं राष्ट्रीय सनातन सिख सभा के संयोजक अधिवक्ता कुलविंदर सिंह ने कहा कि योगासन एवं नमाज की तुलना अज्ञानी ही कर सकते हैं। योग में केवल भक्ति योग अर्थात समाधि की अवस्था की तुलना नमाज तो क्या विभिन्न पूजा पद्धतियों के साथ की जा सकती है।
    जहां भक्ति भाव में व्यक्ति अंतरध्यान, होकर अपने ईस्ट परमात्मा अल्लाह वाहेगुरु के साथ आत्मा का साक्षात्कार करता है। श्रद्धा, भक्ति और ध्यान के द्वारा ही आत्मा को परमात्मा के साथ जोड़ा जा सकता है।
    जहां शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम के नजरिए से विभिन्न योगासन की प्रक्रिया पूरी की जाती है उसे कोई भी धर्माचार्य पूजा उपासना पद्धति की संज्ञा नहीं दे सकता है।
    फिर किस तरह से स्वर्ण मंदिर परिसर के सरोवर परिक्रमा में अर्चना मकवाना के योगासन को धार्मिक नजरिया से सही ठहराया जा सकता है। उसे सही बताने वाले एवं उसकी तुलना सामूहिक नमाज से करने वाले शरारती तत्व क्या इजाजत देंगे कि वह विभिन्न पीठ, धाम और देवालय के गर्भ गृह के परिक्रमा में योगासन की विभिन्न प्रक्रियाओं का प्रदर्शन करे।
    फिर जो यह कह रहे हैं कि अर्चना मकवाना दलित है, तो भेदभाव हुआ है। यह तर्क देने वाले सिख पंथ के बारे में अध्ययन करें, पंथ में दलित को बहुत ऊंचा स्थान मिला है। संत रविदास की वाणी श्री गुरु ग्रंथ साहिब में समाहित है और दलितों को गुरु गोविंद सिंह जी ने गुरु का बेटा जैसे प्रियतम शब्द से संबोधित किया। सिख पंथ में जाति धर्म भाषा वर्ण को लेकर कहीं भी विभेद नहीं है।
    कुलविंदर सिंह के अनुसार सोशल मीडिया में दिखाया जा रहा है कि नमाज हो रही है। नमाज वास्तव में स्वर्ण मंदिर परिसर के बाहरी हिस्से में हो हुई थी।
    स्वर्ण मंदिर में विभिन्न धर्मावलंबी दर्शन को जाते हैं और सरोवर किनारे समाधि अवस्था के दृश्य आम हैं। हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, जैन, इसाई हो या सिख, श्रद्धालु समाधि अवस्था में ध्यान में लीन होकर अपने इष्ट परमात्मा का साक्षात्कार करते हैं। किसी को ऐसा करने से रोक नहीं है लेकिन कोई सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर इस व्यवस्था का गलत फायदा उठाने की कोशिश करें तो उसे इसकी इजाज़त नहीं होनी चाहिए। अर्चना ने वहां समाधि योग नहीं बल्कि शारीरिक योग के आसन किए हैं। यदि वहां किसी सिख धर्म के व्यक्ति ने भी इस तरह का योगासन किया होता तो उसके साथ भी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी वही कानूनी रास्ता अपनाती जो अर्चना मकवाना के मामले में हुआ है। कुलविंदर सिंह के अनुसार देश में कुछ स्वार्थी तत्व हैं जो सिख धर्म के प्रति गलत धारणाएं देश में स्थापित करना चाहते हैं, वे अपने कोशिश में कभी कामयाब नहीं होंगे। हां यदि कोई शरारती तत्व अर्चना मकवाना को धमकी दे रहा है तो उस मामले में कानूनसम्मत कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleभाजपा के विजय संकल्प सभा के लिए बनी 10 सदस्यीय प्रदेश स्तरीय समिति में पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार को मिली जिम्मेदारी
    Next Article स्व0 सुख देव सिंह जी के 26वीं पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर का आयोजन

    Related Posts

    ललित गर्ग ‘पत्रकार शिरोमणि’ सम्मान से अलंकृत होंगे

    Sponsor: सोना देवी यूनिवर्सिटीJanuary 21, 2026

    शांति का मुखौटा- सत्ता की रणनीतिः ट्रंप का वैश्विक विरोधाभास

    Sponsor: सोना देवी यूनिवर्सिटीJanuary 21, 2026

    स्पा सेंटर की लड़कियों से देह व्यापार कराने वाली महिला एजेंट गिरफ्तार!

    Sponsor: सोना देवी यूनिवर्सिटीJanuary 21, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    ललित गर्ग ‘पत्रकार शिरोमणि’ सम्मान से अलंकृत होंगे

    Sponsor: सोना देवी यूनिवर्सिटीJanuary 21, 2026

    शांति का मुखौटा- सत्ता की रणनीतिः ट्रंप का वैश्विक विरोधाभास

    Sponsor: सोना देवी यूनिवर्सिटीJanuary 21, 2026

    स्पा सेंटर की लड़कियों से देह व्यापार कराने वाली महिला एजेंट गिरफ्तार!

    Sponsor: सोना देवी यूनिवर्सिटीJanuary 21, 2026

    अजनौल में एसटीएफ का बड़ा एक्शन

    Sponsor: सोना देवी यूनिवर्सिटीJanuary 21, 2026

    टुसू मेला: सांसद बिद्युत बरण महतो ने तैयारियों का लिया जायजा

    हरियाणा पुलिस व बिहार एसटीएफ की संयुक्त छापेमारी, पूर्व भाजपा नेता के घर जांच

    DMM लाइब्रेरी पुस्तक दान अभियान – 417 पुस्तकों का सराहनीय योगदान

    टाटा मोटर्स का बड़ा धमाका, एक साथ 17 नए मॉडल ट्रक लॉन्च, 10 का निर्माण जमशेदपुर में

    एसीसी ने बरही के ठेकेदार की दैनिक मजदूर से प्लेटिनम ठेकेदार तक की यात्रा का जश्न मनाया

    नितिन नवीन बने बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष 45 साल की उम्र में सबसे युवा अध्यक्ष, बिहार को पहली बार मिला शीर्ष नेतृत्व का सम्मान

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.