हावड़ा बड़बिल जनशताब्दी बन चुकी है,रेल यात्रियों की सबसे बड़ी त्रासदी
राष्ट्र संवाद संवाददाता संजय सिन्हा
बड़बिल (ओडिशा) झारखंड ओडिशा लौहाचंल क्षेत्र के लाइफलाइन कहे जाने वाले हावड़ा बड़बिल जनशताब्दी ट्रेन बीते दो वर्षो से लगातार घंटो घंटो विलंव से चलते आ रही है,जो यात्री जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी बन चुकी है। बार बार शिकायत होने पर भी रेलविभाग के आला अधिकारियों की निंद्रा भंग नही हो रही।लौहाचंल क्षेत्रवासियों के साथ कर रहे सौतेला व्यवहार । चक्रधरपुर रेलमंडल अंतगर्त चल रेलविकास कार्यो टीआरटी के कारण मई एवं जून मे अब तक 8दिन तक अन्य कई ट्रेनो के साथ साथ हावड़ा बड़बिल जनशताब्दी की परिचालन रद्द कर दी गई थी।ठीक उसके दुसरे दिन यानि जब जब ट्रेन रद्द रही उसके बाद वाले दिन जनशताब्दी ट्रेन का आवागमन घंटो घंटो लेट रहा।जनशताब्दी को हावड़ा मे 6से 27घंटे तक रोककर रखा गया।
हावड़ा बड़बिल जनशताब्दी के लेट आवागमन समस्या निदान हेतु केंदुझर सासंद अनंत नायक द्वारा रेलमंत्री को एक माँग पत्र बीते 20मार्च 2025को दिया गया था,परंतु सुधार के स्थान पर रिकॉर्ड तोड़ विलंव से जनशताब्दी चलती रही। रेलमंत्रालय की धोर लापरवाही की शिकार लौहाचंल क्षेत्रवासी प्रतिदिन विलंव से चलनेवाली जनशताब्दी को अब बंद कर देने का पक्ष रख रही ।यात्रियों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेलविभाग अधिकारियों को तनिक भी शर्म बची है,तो जनशताब्दी को बंद कर दे।विलंव से ट्रेन आवागमन के कारण कोच की अधिकांश सीटे खाली रहती जिससे रेलविभाग को लाखो रूपये का घाटा लग रहा है।

