Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » ज्ञानवापी में आधी रात को हिंदू पक्ष ने जलाया दीप, 31 साल बाद व्यासजी तहखाने में हुई पूजा-आरती
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश धर्म राजनीति

    ज्ञानवापी में आधी रात को हिंदू पक्ष ने जलाया दीप, 31 साल बाद व्यासजी तहखाने में हुई पूजा-आरती

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 1, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    ज्ञानवापी में आधी रात को हिंदू पक्ष ने जलाया दीप, 31 साल बाद व्यासजी तहखाने में हुई पूजा-आरती
    साल 1993 तक लोग ज्ञानवापी परिसर में लोग पूजा करते थे, लेकिन मुलायम सिंह यादव की सरकार ने इसे बंद करा दिया। यहां पूजा करने वाले पुजारियों को भी यहां से हटा दिया गया था।

     

    वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के तहखाने में देर रात हिंदू पक्ष ने पूजा की। यह पूजा कोर्ट के आर्डर के बाद कमिश्नर कौशल राज शर्मा, मंदिर प्रशासन के पूर्व और वर्तमान CEO के मौजूदगी में की गई। इसके साथ ही, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि 7 दिन के अंदर ज्ञानवापी परिसर में पूजा कराने की व्यवस्था की जाए।

     

    आधी रात को हुई पूजा
    दरअसल, 31 जनवरी को वाराणसी जिला जज की कोर्ट का शाम 3 बजे फैसला आया। फैसले के कुछ घंटों बाद ही पूजा के सारे इंतजाम किए गए। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश मिश्रा और रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त निकालने वाले गणेश्वर द्रविड़ ने का पूजा कराने में अहम योगदान रहा। करीब 12 बजे के बाद परिसर में विधि विधान से पूजा संपन्न हुई। इसके बाद वहां मौजूद लोगों को चरणामृत और प्रसाद भी दिया गया।

     

     

    31 साल बाद जले दीप
    ज्ञानवापी परिसर के ASI सर्वे रिपोर्ट में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली है। इसके साथ ही, ASI की सर्वे रिपोर्ट में हिंदू मंदिर होने के कई अहम सबूत मिले हैं। आपको बता दें कि साल 1993 तक लोग यहां पूजा करने आते थे, लेकिन नवंबर 1993 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने इसे बंद करा दिया था। इसके साथ ही, यहां पूजा करने वाले पुजारियों को भी हटा दिया गया था।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous ArticleJHARKHAND :सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हेमंत के वकील इधर झारखंड उच्च न्यायालय से लगा झटका
    Next Article श्री वैकुंठ धाम हनुमान मंदिर के शुभ कलश यात्रा में शामिल हुए समाजसेवी पप्पू सिंह

    Related Posts

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस jamshedpur

    July 12, 2026

    मुंबई हादसा: अंधेरी में BEST बस का तांडव, SV रोड पर कई वाहनों के उड़े परखच्चे

    July 12, 2026

    यूरेनियम डील से ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

    July 12, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    रीना सिंह की संवेदनशील पहल: असहाय बुजुर्ग महिला को मिला सुरक्षित आश्रय, मानवता की बनी मिसाल

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस jamshedpur

    विकसित भारत की राह में जनसंख्या संतुलन का प्रश्न: ललित गर्ग का विशेष विश्लेषण

    मुंबई हादसा: अंधेरी में BEST बस का तांडव, SV रोड पर कई वाहनों के उड़े परखच्चे

    यूरेनियम डील से ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

    क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है? जानें इसके गंभीर परिणाम

    सत्ता का संघर्ष: क्या राजनीतिक दलों के भीतर का असंतोष लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है?

    जामताड़ा पार्ट-2 बनता घाटशिला! जंगल, ढाबों और हाईवे से चल रहा साइबर ठगी का काला कारोबार

    रंगाटांड़ के मजदूर की चेन्नई में मौत, पसरा मातम, शव के पहुंचते ही रांगाटांड़ गांव में ग्रामीणों की भीड़

    भाजपा जमशेदपुर महानगर की मासिक संगठनात्मक बैठक हुई संपन्न, बूथ सशक्तिकरण और एसआईआर अभियान पर विशेष जोर

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.