Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » निपटने के मूड में है सरयू राय से कांग्रेस
    Breaking News Headlines झारखंड राजनीति

    निपटने के मूड में है सरयू राय से कांग्रेस

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 29, 2021Updated:May 29, 2021No Comments9 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    निपटने के मूड में है सरयू राय से कांग्रेस
    111 सेव लाइफ नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर ओपी आनंद के गिरफ्तारी के बाद अचानक जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय मंत्री बन्ना गुप्ता पर हमलावर हो गए हैं जमशेदपुर का सियासी पारा पूरे चरम पर है विधायक सरयू राय ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया जिसे अखबारों ने प्रमुखता से स्थान भी दिया इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर विधायक से सवालों की बौछार लगा दी है विधायक राय की छवि भ्रष्टाचार की पोल खोलने वालों में आती है और ट्रिपल 111 सेव लाइफ नर्सिंग होम का मामला इससे उलट है फिर विधायक सरयू राय का नर्सिंग होम के पक्ष में खड़ा होना  सवाल खड़ा कर दिया है कोरोना संक्रमण के दौरान आए दिन यह बात सुनने में आ रही है और अखबारों की सुर्खियां बन रही है कि निजी अस्पतालों के द्वारा सरकार के द्वारा निर्धारित मानक से अधिक पैसे की वसूली की जा रही है और उसी के तहत स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने 111 सेव लाइफ नर्सिंग होम का जांच का आदेश दिया था सबूत भी पुख्ता थे फिर अचानक विधायक सरयू राय का नर्सिंग होम संचालक के पक्ष में खड़ा होना तथा अचानक सिविल सर्जन डॉक्टर ए के लाल का मामला उठाने से सियासी पारा सातवें आसमान पर है कांग्रेस भी विधायक से निपटने के मूड में है

    कांग्रेस के कोल्हान प्रवक्ता राकेश तिवारी और सुरेश धारी पहले दिन से स्वास्थ्य मंत्री के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं तो अब जिम्मी भास्कर ने मोर्चा संभाला है जिला कांग्रेस भी इस पूरे प्रकरण में खुलकर सामने आ गई है कांग्रेसियों का एक बड़ा तबका विधायक सरयू राय के कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे कार्यों के पीछे लग गए हैं
    अस्पताल संचालक डॉ. ओपी आनंद की गिरफ्तारी के बाद सरयू राय ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और नाम लिए बगैर बन्ना गुप्ता पर कई तीखे आरोप मढ़े हैं. शायद यही वजह है कि सरयू के तीखे सवालों से तिलमिलाई कांग्रेस ने भी उन्हीं के अंदाज में पलटवार करने का प्रयास किया है. कांग्रेस के कोल्हान प्रमंडल के प्रवक्ता जम्मी भास्कर ने सरयू को निशाना पर लेते हुए कहा है कि सरयू अक्सर अपनी पसंद के अनुसार कतिपय सत्ताधारी नेताओं के कामकाज में भ्रष्टाचार खोजकर उसे लच्छेदार शब्दों में मीडिया के माध्यम से आम जनता के सामने लाते रहे हैं. लेकिन अपने हित के हिसाब से दागी नेताओं को अंगीकार भी करते रहे हैं. भास्कर ने कहा कि राय को बताना चाहिए कि ऐसा करने के पीछे उनकी कौन सी मजबूरी रहती है? कहीं ऐसा तो नहीं कि जहां सरयू राय की दाल नहीं गलती वहां की रसोई की पूरी दाल को काला साबित करने में पूरी शिद्दत से जुट जाते हैं?
    भास्कर ने कहा कि हर रोज मीडिया के विभिन्न प्रकल्पों से सरयू के हवाले या श्रीमुख से दूसरे के ऊपर सवालों की बौछार की जाती है या दूसरे की भ्रष्टाचार में संलिप्तता दिखाई जाती है. ऐसी स्थिति में महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि रहे बक्सर से आनेवाले सरयू राय गंगा जी को याद कर और अपने हृदय पर हाथ रख इन सवालों का सार्वजनिक रूप से जवाब देते तो नैतिकता की कसौटी पर उनका भ्रष्टाचार के खिलाफ योद्धा का चोला और चमकदार हो जाता.
    सिर्फ 111 सेव अस्पताल में ही दिलचस्पी क्यों
    भास्कर ने कहा है कि सरयू राय यह बताने का नैतिक साहस दिखाएंगे कि कोरोना काल में कई अस्पतालों के खिलाफ शिकायत मिलने पर सरकार ने कार्रवाई की तो सरयू सिर्फआदित्यपुर के 111 सेव लाइफ अस्पताल के बचाव में ही क्यों आगे आए? बाकी अस्पतालों पर उनकी चुप्पी का राज क्या है? ऐसा कौन सा कारण रहा जिससे सरयू को 111 सेव लाइफ अस्पताल के संचालक डॉ. ओपी आनंद जैसे दागी के बचाव में उतरना पड़ा? क्यों डॉ. आनंद के प्रवक्ता की तरह काम कर रहे सरयू राय? इसके एवज में क्या डील हुई है?
    सरयू जंग को अंजाम तक क्यों नहीं पहुंचाते
    भास्कर ने कहा कि सरयू अक्सर भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग का ऐलान करते रहते हैं. वे बताएंगे कि कितने मामलों में उनकी जंग अंजाम तक पहुंची है या यह जंग अपना कोई हित साधने का जरिया मात्र होती है?
    आमरण अनशन पर जिन मुद्दों को लेकर बैठे, उनका क्या किया
    भास्कर ने कहा है कि क्या सरयू जनता को बताना चाहेंगे कि आपने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में जमशेदपुर व झारखंड में किन किन लोगों या संस्थाओं या कंपनियों के खिलाफ आरोप लगाए और आज उन आरोपों पर उनका क्या स्टैंड है? टाटा स्टील से जुड़े मामलों समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर वे एकबार आमरण अनशन पर भी ूबैठे थे, क्या वे मांगें पूरी हो गई या वह आंदोलन किसी खास निजी मकसद के लिए क्या गया था? क्या कहेंगे सरयू राय?
    कंपनी से कितने अपनों को लाभ दिलाया, कैसे रहते कंपनी क्वार्टर में
    भास्कर ने जानना चाहा है कि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक और फिर मंत्री रहते सरयू राय के कितने नजदीकी लोग एक बड़ी कंपनी में वेंडर बने या ठेकेदारी शुरू की? एक बड़ी कंपनी में उनके एक एक करीबी रिश्तेदार की नौकरी कैसे हुई? बिष्टुपुर जैसे प्रमुख इलाके में सरयू के संरक्षण में चलनेवाले एक एनजीओ को कैसे क्वार्टर आवंटित हो गया? उस क्वार्टर में कंपनी प्रदत्त सारी आवासीय सुविधाओ को उपयोग करते हुए राय रहते कैसे हैं? क्या वे उस एनजीओ के पदाधिकारी हैं? किस हैसियत से रहते हैं? क्या यह नैतिक भ्रष्टाचार नहीं है? भास्कर ने सवाल किया है कि टाटा स्टील समेत अन्य कंपनियों के खिलाफ रह-रह कोई न कोई आरोप लगाते रहने के पीछे सरयू का क्या मकसद रहता है? इसमें लोगों को ब्लैकमेलिंग की बू क्यों आती रही है.
    सिर्फ एक ही रंग का भ्रष्टाचार क्यों नजर आता
    भास्कर ने कहा है कि सरयू को भ्रष्टाचार का खास रंग ही क्यों नजर आता है? काला-पीला-नीला रंग के भ्रष्टाचार पर उनकी नजर क्यों नहीं जाती या जानकर भी अनजान क्यों बने रहते हैं? कांग्रेस नेता ने कहा है कि सरयू यह जान लेते हैं कि किस कंपनी के पानी से स्वर्णरेखा या दामोदर जैसी नदियां प्रदूषित होती हैं? लेकिन इनसे जुड़ी किसी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करते. क्यों? कहीं ऐसा तो नहीं कि प्रदूषण का मुद्दा वे अपना हित साधने के लिए उठाते हैं?
    भास्कर ने कहा है कि सरयू को यह भी बताना चाहिए कि वे दागी नेताओं व बाहुबलियों के रिश्तेदारों का साथ क्यों लेते हैं? चुनाव के समय अकूत पैसा कहां सेे लाकर बहाते हैं? सरयू को यह भी बताना चाहिए कि झारखण्ड की पिछली 2014-19 सरकार में कैबिनेट मंत्री रहते हुए स्वयं अपनी ही सरकार की नीतियों का विरोध करते रहे पर मंत्रिमंडल से इस्तीफा क्यों नहीं दिया? ना कैबिनेट की बैठक में भाग लेना और ना मुख्यमन्त्री को सहयोग करना, उसके बावजूद मन्त्री बने रहकर, सरकारी सुविधाओं को लूटते रहना, क्या ये भष्ट्राचार नहीं है?
    भास्कर ने कहा है कि सरयू आम जनमानस से दूर हमेशा विशेष प्रकार के पूंजीपतियों से घिरे रहते हैं. अपने शब्दों के जाल से आम जनता को ग़ुमराह करते हुए ऐसे पूंजीपतियों-व्यपारियों को संरक्षण देने काम करते हैं. क्या इसके एवज में उन्हें संरक्षण टैक्स मिलता है? क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है?
    आदित्यपुर में बन रहे चार मंजिली इमारत का राज क्या है
    भास्कर ने पूछा है कि क्या सरयू के परिवार का कोई सदस्य बगैर आय के मजबूत स्रोत के आदित्यपुर में एक आलीशान चार तल्ला इमारत बना रहा है? इसके लिए पैसा कहां से आ रहा? क्या ये भ्रस्टाचार नहीं है?
    भास्कर ने कहा है कि ईमानदारी का चोला ओढ़कर जनता की आंखों में धूल झोकना सरयू की फितरत रही है. कोई कम्बल ओढ़कर घी पीने की कला सरयू राय से सीख सकता है. इस बारे में भी कुछ कहेंगे सरयू राय, भास्कर ने यह भी पूछा है.

    सरयू की शिकायत पर बन्ना ने डीसी को कार्रवाई करने को दिया आदेश
    राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और जमशेदपुर पश्चिम से विधायक बन्ना गुप्ता ने पूर्वी उपायुक्त को निर्देश दिया है कि वे बिष्टुपुर स्थित कांतिलाल अस्पताल में संचालित एडवांस डायग्नोस्टिक के बारे में विधायक सरयू राय की शिकायत पर कानूनी कार्रवाई कर सूचित करें. उन्होंने कहा है कि हेमंत सरकार किसी भी स्थिति में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी चाहे वो कितना भी बड़ा रसूखदार क्यो न हो?
    बताते चलें कि सरयू ने ट्वीट किया था कि बंद कांतिलाल अस्पताल में चल रहे एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक कौन हैं?क्या ये सरायकेला ज़िला के एक शीर्ष पुलिस अधिकारी के साले हैं, जहां फजऱ़्ी मुक़दमा कर डा आनंद को जेल भेजा गया? क्या इस सेंटर में सत्ता पक्ष के एक रसूखदार नेता परिवार का पार्टनरशिप है? ये सवाल जवाब मांगते हैं.

    111 सेव लाइफ अस्पताल के मामले में सरयू ने फिर सीएम को पत्र लिखा
    विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना में जमशेदपुर और आदित्यपुर में कतिपय ऐसे अस्पतालों को भी चिकित्सा राशि भेज दी गई है जो इसके लिये सरकार की सूची में अनुबंधित नहीं है. राय ने कहा है कि 111 सेव लाईफ अस्पताल के चेयरमैन डा0 ओ पी आनन्द ने इसके बारे में एक पत्र 20.07.2020 को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता को लिखा था और बताया था कि इस योजना के तहत गैर अनुबंधित अस्पतालों को भी चिकित्सा राशि का भुगतान किया जा रहा है जो नियमानुसार गलत है. इसकी जाँच होनी चाहिये और दोषियों पर कारवाई होनी चाहिये. इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि डा0 आनन्द का यह सवाल उठाना स्वास्थ्य विभाग को रास नहीं आया हो जिसका खामियाजा वे गिरफ्तारी के रूप में भुगत रहे हैं.
    सरयू राय ने अपने पत्र में दो व्हाट्सएप संवाद का स्क्रिन शॉट संलग्न किया है. यह स्क्रिन शॉट सेव लाईफ अस्पताल द्वारा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को 22 अप्रैल, 2021 एवं 29 अप्रैल , 2021 को भेजा गया है. इस व्हाट्सएप संवाद में उन्होंने मंत्री से निवेदन किया है कि ”आपका नाम लेकर लोग उनपर बिल माफ करने का दबाव बनाते हैं, अस्पताल बंद कराने की धमकी देते है और बिल नहीं देते हैं.ÓÓ यह एक गंभीर मामला है. इसकी जाँच आवश्यक है. यह स्पष्ट होना चाहिये कि किन लोगों ने 111 सेव लाइफ अस्पताल को बंद करने की धमकी दी है और मंत्री का नाम लेकर बिल नहीं देने का दबाव बनाया है.
    सरयू राय ने अपने पत्र में लिखा है कि डॉ आनंद के विरूद्ध एफआइआर होते ही बिना किसी अनुसंधान के सरायकेला पुलिस द्वारा उन्हें जेल भेज दिया जाना पूर्वाग्रह से प्रेरित प्रतीत होता है. यह अनुचित है. सरयू राय में सीएम से मामले में विधि सम्मत कार्रवाई का अनुरोध किया है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकेंद्र सरकार ने नागरिकता पंजीकरण के लिये पड़ोसी देशों से आये अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से मांगे आवेदन
    Next Article भूल गए हैं फोन का Password/Pattern! तो मिनटों में ऐसे करें अनलॉक

    Related Posts

    झारखंड लोजपा खेल एवं संस्कृति प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष ममता रंजन ने वर्ल्ड रिकॉर्डधारी बाल तैराक इशांक सिंह को किया सम्मानित, कहा- पूरे विश्व में बढ़ाया झारखंड का मान

    May 9, 2026

    ऑपरेशन सिंदूर: शौर्य पर सियासत और जनभावनाएं | राष्ट्र संवाद

    May 9, 2026

    न्याय की कुर्सी पर बैठा इंसान भी टूट सकता है: जज अमन कुमार शर्मा | राष्ट्र संवाद

    May 9, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    झारखंड लोजपा खेल एवं संस्कृति प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष ममता रंजन ने वर्ल्ड रिकॉर्डधारी बाल तैराक इशांक सिंह को किया सम्मानित, कहा- पूरे विश्व में बढ़ाया झारखंड का मान

    मेहनत का शोषण: हम मेहनत बेच रहे हैं, आप ‘गुलामी’ खरीद रहे | राष्ट्र संवाद

    पढ़ाई बढ़ी लेकिन स्किल क्यों नहीं? भारत में बढ़ता स्किल गैप | राष्ट्र संवाद

    ऑपरेशन सिंदूर: शौर्य पर सियासत और जनभावनाएं | राष्ट्र संवाद

    न्याय की कुर्सी पर बैठा इंसान भी टूट सकता है: जज अमन कुमार शर्मा | राष्ट्र संवाद

    🕉️🌺 दैनिक पंचांग एवं राशिफल 🙏०९::०५::२०२६ शनिवार

    ‌‌🕉️🌺 दैनिक पंचांग एवं राशिफल 🙏०८::०५::२०२६ शुक्रवार

    केडिया परिवार की शादी समारोह में जुटीं दिग्गज हस्तियां, अर्जुन मुंडा और रघुवर दास ने नवदंपति को दिया आशीर्वाद

    15वें वित्त आयोग की राशि में घोटाले का आरोप, स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण में घटिया कार्य पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव से शिकायत

    एडीजे रियलिटी नए और पुराने ग्राहकों के लिए शुरू कर रही विशेष उपहार योजना- जितेंद्र मिश्रा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.