बिहार के पूर्व मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बिष्टुपुर के तुलसी भवन में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि शास्त्री नगर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके बाद भाजपा और हिंदूवादी नेताओं को जेल भेजा गया है। इससे जनता में सरकार के प्रति भयंकर आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि पूरी घटना की निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए। जांच की जो रिपोर्ट है, उस आधार पर कार्रवाई हो। तभी जनता संतुष्ट होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को ज्यादा खींचने की जरू त नहीं है। यह बेहद संवेदनशील मामला है। उन्होंने कहा कि जो मामला बातचीत से खत्म हो जाना चाहिए था। उसे सरकार ने तूल दे दिया और उसमें धारा 307 समेत अन्य गंभीर धाराएं लगाकर लोगों को जेल भेजा गया। पार्टी देश की सबसे बड़ी पार्टी है। उसके नेताओं पर साजिश करने का आरोप लगाया गया।
गौरतलब है कि शुक्रवार को पूर्व मंत्री अमरेंद्र सिंह घाघीडीह जेल गए थे और वहां भाजपा नेता अभय सिंह समेत अन्य हिंदूवादी नेताओं से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं और हिंदूवादी नेताओं के ऊपर केस बनाए गए हैं। उन्हें फंसाया गया है। प्रशासन की क्या मंशा है यह वही जानते हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपना अपना त्यौहार मना रहे थे। रामनवमी में भी प्रशासन ने ऐसा कुछ कर दिया कि झंडा नहीं निकल रहा था। प्रशासन को सोच समझकर काम करना चाहिए।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव नारायण शर्मा ,चंद्रशेखर मिश्रा,हरेंद्र पांडेय ,अजय श्रीवास्तव,ताराचंद कामत,राजहंस तिवारी,नवल झा,मुरलीधर बरनवाल,कमल किशोर,रामप्रकाश सिंह अशोक जी , हल्धर नारायण शाह ,लालचंद सिंह,अमर सिंह रंजन सिंह आदि मौजूद थे

