Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » गढ़वा : पंडी नदी में वर्षों पूर्व बना पुल का एक पाया ध्वस्त
    Breaking News झारखंड

    गढ़वा : पंडी नदी में वर्षों पूर्व बना पुल का एक पाया ध्वस्त

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 7, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    गढ़वा : पंडी नदी में वर्षों पूर्व बना पुल का एक पाया ध्वस्त

     

    गढ़वा : जिले के कांडी प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत बलियारी पँचायत के पखनाहा गांव स्थित पंडी नदी में वर्षों पूर्व बना पुल का एक पाया ध्वस्त हो गया। इस पुल से पखनाहा, बलियारी सहित हेठार क्षेत्र के कई गांव के लोगों का आना जाना होता है। उक्त पुल का निर्माण 10 से 12 वर्ष पूर्व विशेष प्रमंडल के द्वारा किया गया था।पिछले दिनों पंडी नदी में आई बाढ़ से पुल का एक पाया का 80 प्रतिशत हिस्सा ध्वस्त हो गया। यह पुल वर्षों से जर्जर स्थिति में था, किन्तु इस पर किसी भी जनप्रतिनिधियों या पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट नहीं हुआ।

     

     

    अब यह पुल पूर्ण रूप से ध्वस्त होने की स्थिति में नजर आ रहा है। इस पुल के माध्यम से दर्जनों गांवों के लोगों का आवगमन होता था, जो अवरुद्ध हो गया। उक्त पुल के पास एक छठ घाट का निर्माण करवाया गया है, जिससे पंडी नदी का तेज बहाव से उक्त पुल का कुछ भाग ध्वस्त हो गया। यदि इस पुल से हो कर अब कोई भी व्यक्ति गुजरता है तो निश्चित रूप से कोई बड़ी घटना घटने की संभावना है।

     

     

    बारिश का वक्त है, नदी में बाढ़ आने व तेज धारा से अत्यधिक नुकसान पुल को होने की आशंका है, जिससे पुल पूर्ण रूप से ध्वस्त हो कर बह भी सकता है। स्थानीय लोग डरे व सहमे हुए हैं, चुकी बारिश के समय आवागमन करने का मुख्य सहारा यही पुल है। अब लोग चिंतित हैं कि आखिर इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई फरिश्ता कब आएगा और लोग कब तक प्रतीक्षा करें। इस पुल से दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन सीधे प्रखण्ड कार्यालय व कांडी मुख्य बाजार तक होता था। अब लोगों का संपर्क टूट सा गया है। इस जर्जर पुल का निर्माण कराने के लिए स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों व वरीय पदाधिकारियों से मांग की है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसदस्यता बहाल होने के बाद संसद भवन पहुंचे राहुल, बापू की प्रतिमा पर दी श्रद्धांजलि; गर्मजोशी के साथ हुआ स्वागत
    Next Article रावलपिंडी में लागू धारा 144, विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में इमरान के 8 समर्थक गिरफ्तार

    Related Posts

    धालभूमगढ़ एयरपोर्ट समेत चार मुद्दों पर सिंहभूम चैंबर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात

    March 15, 2026

    खाकी वर्दी का संघर्ष: पुलिसकर्मियों की पीड़ा को समझें

    March 15, 2026

    अभिनव सिंह का ‘फेक दबदबा’: पुलिस के घेरे में खुला राज

    March 15, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    धालभूमगढ़ एयरपोर्ट समेत चार मुद्दों पर सिंहभूम चैंबर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात

    खाकी वर्दी का संघर्ष: पुलिसकर्मियों की पीड़ा को समझें

    अभिनव सिंह का ‘फेक दबदबा’: पुलिस के घेरे में खुला राज

    अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’: खड़ीबोली के प्रथम महाकाव्यकार

    ट्रंप के दावे और भारत-अमेरिका संबंध: एक कूटनीतिक विश्लेषण

    मिथिला सांस्कृतिक परिषद का द्वि-दिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व संपन्न, ‘मिथिला गौरव सम्मान’ से विभूतियों को किया गया सम्मानित

    पांच राज्यों के चुनाव: लोकतंत्र का पर्व और निष्पक्षता

    गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन: पत्रकारिता पर AI का संकट

    जामताड़ा में युवाओं के लिए नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

    बिरसानगर भूमि माफिया: सीओ मनोज कुमार की भूमिका पर उठे सवाल

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.