Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » नेपाल में अब भारत समेत 4 विदेशी एजेंसी चलाएंगी रेस्क्यू ऑपरेशन, सरकार से मिली मंजूरी
    Breaking News Headlines

    नेपाल में अब भारत समेत 4 विदेशी एजेंसी चलाएंगी रेस्क्यू ऑपरेशन, सरकार से मिली मंजूरी

    News DeskBy News DeskAugust 29, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली/काठमांडू. नेपाल सरकार ने भोटेकोशी में आई अचानक बाढ़ के बाद विदेशी मदद लेने का फैसला किया है. पहले सरकार ने कहा था कि नेपाली बचाव दल ही खोज और राहत अभियान चलाएंगे और दूसरे देशों की टीमों को इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी. अब सरकार ने अपने फैसले पर यू-टर्न ले लिया है.

    बता दें कि नेपाल में कई देशों के नागरिक अभी भी लापता हैं. इसके बाद उन देशों की ओर से नेपाल पर विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेने का दबाव बढ़ा. इसी के चलते सरकार ने अपना फैसला बदल दिया. द काठमांडू पोस्ट अखबार के मुताबिक अब नेपाल कुछ विदेशी विशेषज्ञों को सीमित संख्या में देश में आने की अनुमति देगा. ये विशेषज्ञ सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश, शवों की पहचान, डीएनए टेस्ट और फोरेंसिक जांच में नेपाली टीमों की मदद करेंगे.

    सरकार ने क्यों लिया यू-टर्न?

    रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से काफी दबाव आया था, क्योंकि बाढ़ में कई विदेशी नागरिक भी लापता हैं. सरकार अब जरूरत वाले क्षेत्रों में सीमित विदेशी विशेषज्ञों की मदद ले रही है.

    31 देशों के 517 नागरिक लापता, भारतीय सबसे ज्यादा

    रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भयंकर बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. शुक्रवार तक इस आपदा में 550 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 977 लोग अभी भी लापता हैं. लापता लोगों में 31 देशों के 517 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. नेपाल पर्यटन बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इनमें सबसे ज्यादा 178 भारतीय नागरिक लापता हैं. इसके बाद 65 अमेरिकी, 53 यूक्रेनी, 35 ऑस्ट्रेलियाई और 33 ब्रिटिश नागरिकों के लापता होने की जानकारी है. प्रशासन की ओर से लापता लोगों की तलाश और उनकी पहचान का काम लगातार जारी है.

    भारत समेत 4 देशों के विशेषज्ञों की मदद लेगा नेपाल

    नेपाल सरकार ने बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान में विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेने को मंजूरी दे दी है. सरकार ने भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ टीमों को नेपाल आने की अनुमति दी है. इन टीमों में सुरंगों में बचाव अभियान, डीएनए जांच और फोरेंसिक जांच के अनुभवी विशेषज्ञ और तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन केंद्र के आकलन के बाद अंतर-मंत्रालयी समन्वय समिति के जरिए यह फैसला लिया गया है. विदेशी विशेषज्ञ नेपाली टीमों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश और मृतकों की पहचान में मदद करेंगे.

    कई देशों ने खोज टीम भेजने की मांगी अनुमति

    नेपाल में बाढ़ के बाद कई देशों ने अपने लापता नागरिकों की तलाश के लिए विशेषज्ञ टीम भेजने की पेशकश की है. हालांकि, नेपाल सरकार ने अभी तक कई देशों के अनुरोध पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है. काठमांडू में मौजूद कम से कम दो देशों के दूतावासों ने बताया कि उनके दर्जनों नागरिक अब भी लापता हैं. दूतावास लगातार नेपाल सरकार से अपने खोज और बचाव दल भेजने की अनुमति मांग रहे हैं, ताकि लापता लोगों की तलाश में मदद की जा सके.

    नेपाल बाढ़ में मदद के लिए भारत ने बढ़ाया हाथ

    नेपाल में बाढ़ के बाद भारत ने राहत और बचाव कार्यों में मदद की पेशकश की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने सुरंग बचाव दल, मेडिकल टीम और हृष्ठक्रस्न की टीमें भेजने का प्रस्ताव दिया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी नेपाल के विदेश मंत्री शिसिर खनाल से बात कर मदद का भरोसा दिया. भारत ने राहत सामग्री की चौथी खेप के साथ डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और बचावकर्मियों समेत 11 सदस्यीय टीम भी नेपाल भेजी है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleमहाराष्ट्र : जरांगे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू, सीएम और डिप्टी सीएम पर लगाए गंभीर आरोप
    Next Article फ्रांस का बड़ा दांव, 2030 तक 30 हजार भारतीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बुलाने का लक्ष्य

    Related Posts

    नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद शिवहर में बाढ़ का अलर्ट, मंत्री रत्नेश सदा ने किया बागमती का निरीक्षण

    August 29, 2026

    राष्ट्रीय खेल दिवस पर रामगढ़ में दौड़ा उत्साह, उपायुक्त ऋतुराज ने धावकों संग लगाई दौड़।

    August 29, 2026

    हजारीबाग में बड़ा रेल हादसा टला, ट्रैक पर आई लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ी वंदे भारत

    August 29, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद शिवहर में बाढ़ का अलर्ट, मंत्री रत्नेश सदा ने किया बागमती का निरीक्षण

    राष्ट्रीय खेल दिवस पर रामगढ़ में दौड़ा उत्साह, उपायुक्त ऋतुराज ने धावकों संग लगाई दौड़।

    हजारीबाग में बड़ा रेल हादसा टला, ट्रैक पर आई लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ी वंदे भारत

    कराइकेला थाना क्षेत्र में दो बाइक की जोरदार टक्कर, छह घायल तीन की हालत गंभीर, बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर रेफर

    मंगला एक्सप्रेस की ट्रेन की पेंट्री का खाना स्कूली बच्चों को पड़ा भारी, 20 छात्र बीमार

    फ्रांस का बड़ा दांव, 2030 तक 30 हजार भारतीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बुलाने का लक्ष्य

    नेपाल में अब भारत समेत 4 विदेशी एजेंसी चलाएंगी रेस्क्यू ऑपरेशन, सरकार से मिली मंजूरी

    महाराष्ट्र : जरांगे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू, सीएम और डिप्टी सीएम पर लगाए गंभीर आरोप

    पीएम मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान रवाना, एससीओ समिट में लेंगे हिस्सा, रिश्ते मजबूत करने पर फोकस

    खेलों के जरिए चैंपियन गढ़ने और सशक्त समुदाय बनाने में टाटा स्टील की अहम भूमिका

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.