यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म हो, यही हमारे आंदोलन का उद्देश्य: सरयू राय
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। विधायक सरयू राय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम के निर्देश पर टाटानगर रेलवे स्टेशन के एरिया मैनेजर ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान एरिया मैनेजर ने बताया कि रेल प्रशासन यात्री ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए लगातार प्रयासरत है और इसमें सुधार भी हो रहा है। उन्होंने एक चार्ट भी सौंपा, जिसमें करीब 13 यात्री ट्रेनों के समय पर खुलने और पहुंचने का उल्लेख है, जिनमें साउथ बिहार, टाटा-थावे और स्टील एक्सप्रेस शामिल हैं।
एरिया मैनेजर ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में चक्रधरपुर मंडल में मालगाड़ियों के परिचालन में करीब 2 प्रतिशत की कमी की गई है, ताकि यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी में सुधार हो सके। इस पर सरयू राय ने स्पष्ट कहा कि ऐसे आंकड़े प्रशासन की सक्रियता दिखाते हैं, लेकिन आम यात्रियों को इससे संतोष नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य मुद्दा केवल यात्री ट्रेनों का समय पर आगमन और प्रस्थान है।

सरयू राय ने बताया कि इससे पूर्व डीआरएम ने भी उन्हें फोन कर रेल यात्री संघर्ष समिति की बैठक में दिए गए वक्तव्यों और एक समाचार पत्र की हेडलाइन पर आपत्ति जताई थी। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों में ट्रेनों की देरी को लेकर आक्रोश है और मीडिया को अपनी स्वतंत्रता के अनुसार खबर प्रकाशित करने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष रेल प्रशासन से नहीं, बल्कि ट्रेनों की लेटलतीफी से है। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है तो रेल यात्री संघर्ष समिति आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आ रही सूचनाओं का हवाला देते हुए सरयू राय ने कहा कि कुछ ट्रेनों की वास्तविक देरी को कम दिखाया जा रहा है। उदाहरण स्वरूप 13 अप्रैल को 68134 बादाम पहाड़ मेमू डेढ़ घंटे लेट थी, जबकि 15 मिनट ही दर्शाया गया। इसके अलावा हावड़ा मेल, चक्रधरपुर-टाटा और शालीमार एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही थीं। उन्होंने रेल प्रशासन से मांग की कि वह ईमानदारी से लेटलतीफी दूर करे और प्रतिदिन ट्रेनों के संचालन की रिपोर्ट सार्वजनिक करे।

